लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ एवं छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 27 और 28 जनवरी को “AI मंथन 2026: उच्च और तकनीकी शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की चुनौतियां और अवसर” विषयक दो दिवसीय भव्य कार्यशाला का आयोजन होने जा रहा है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित यह कार्यशाला एकेटीयू के जानकीपुरम स्थित प्रांगण में संपन्न होगी।
इस ऐतिहासिक मंथन में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों की विशिष्ट सहभागिता रहेगी। जिनमें बृजेश पाठक (उपमुख्यमंत्री), योगेंद्र उपाध्याय (उच्च शिक्षा एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री), सूर्य प्रताप शाही (कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री) तथा आशीष पटेल (प्राविधिक शिक्षा मंत्री) से सम्मिलित होने हेतु अनुरोध किया गया है ।
कार्यशाला में उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अपर मुख्य सचिव एवं मुख्य सचिव एक विशेष पैनल चर्चा का हिस्सा बनेंगे। जिनमें नरेंद्र भूषण (तकनीकी शिक्षा), अमित कुमार घोष (चिकित्सा शिक्षा), अमृत त्रिपाठी (उच्च शिक्षा) और पंधारी यादव (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) शामिल हैं।
साथ ही राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर एम. बोबडे, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव अभिषेक सिंह और विशेष सचिव नेहा जैन भी अपने विचार साझा करेंगे।
इस कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, वित्त अधिकारी एवं निदेशक IQAC सहित लगभग 290 शिक्षाविद सम्मिलित हो रहे हैं। साथ ही, प्रदेश के सभी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के निदेशकों की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी।
कार्यशाला में मुख्य आकर्षण विभिन्न ‘हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग’ सत्र है, जहाँ प्रतिभागियों को एआई टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) एवं रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी (RRU) के विख्यात विशेषज्ञों के साथ-साथ आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी कानपुर, TCS, IBM और कलाम सेंटर के प्रतिनिधि सत्रों का संचालन करेंगे।
कार्यशाला को कुल चार तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया है, जिसमें एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर गहन मंथन होगा।
• अकादमिक नेतृत्व: आईआईटी खड़गपुर के प्रो. पी.पी. चक्रवर्ती, आईआईटी कानपुर के प्रो. अरनाब भट्टाचार्य एवं डॉ. नितिन सक्सेना शोध एवं नवाचार में एआई की भूमिका स्पष्ट करेंगे।
• तकनीकी एवं औद्योगिक विशेषज्ञता: टीसीएस के सीटीओ डॉ. हरिक विन, आईबीएम इंडिया के श्री अनुज गुप्ता और कलाम सेंटर के संस्थापक श्री सृजन पाल सिंह छात्रों के कौशल विकास एवं रोजगार पर एआई के प्रभाव पर सत्र लेंगे।
• शासन एवं सुरक्षा: भारत सरकार के माइटी (MeitY) के अपर सचिव अभिषेक सिंह (ऑनलाइन), राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर एम. बोबडे एवं नेहा जैन (विशेष सचिव, आईटी) एआई नीतियों और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों का सफल मॉडरेशन डॉ. अनुज कुमार शर्मा (एकेटीयू), डॉ. अंशु सिंह (सीएसजेएमयू), प्रो. अनुराग त्रिपाठी, डॉ. रितेश मौर्य (एमएमएमयूटी) एवं प्रो. विनीत कंसल (निदेशक, आईईटी लखनऊ) द्वारा किया जाएगा ।
कार्यशाला के प्रथम दिन राज्यपाल विश्वविद्यालयों के एआई स्टार्टअप्स का अवलोकन करेंगी। दो दिनों तक चलने वाले इस ‘मंथन’ का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के राज्य तकनीकी, उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालयों में एआई आधारित परीक्षा प्रणाली, प्रश्न पत्र निर्माण और छात्र परामर्श, पाठ्यक्रम नवाचार जैसे प्रस्तावों की तैयारी हेतु एक सुदृढ़ इकोसिस्टम तैयार करना है।
कार्यक्रम का समापन राज्यपाल के प्रेरक उद्बोधन और उत्कृष्ट स्टार्टअप्स को प्रमाण पत्र वितरण के साथ होगा। एकेटीयू के कुलपति प्रो. जे.पी. पाण्डेय एवं सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के निर्देशन में यह आयोजन प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप एआई-सक्षम बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस पूरे आयोजन का सजीव प्रसारण एकेटीयू के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध रहेगा।
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