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हिंदुस्तान जिंक बनी भारत की सबसे मूल्यवान मेटल कंपनी

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। वैश्विक और घरेलू बाजारों में चांदी की कीमतों में आई ऐतिहासिक तेजी के चलते हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के शेयरों में जोरदार उछाल देखा गया है। इस बढ़त के साथ ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 3.2 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया है। जिससे यह भारत की सबसे मूल्यवान मेटल कंपनी बन गई है।

शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में 6% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपने मूल समूह वेदांता और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी दिग्गज कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। चांदी की कीमतें वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति औंस और घरेलू बाजार पर 3.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई हैं।

कंपनी के मजबूत वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के प्रदर्शन के बाद प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों जेफ़रीज, जेएम फाइनेंशियल और सिस्टमेटिक्स ने हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड के लिए अपने लक्ष्य मूल्य (टार्गेट प्राइस) बढ़ा दिए हैं। इन ब्रोकरेज फर्मों ने यह बढ़ोतरी कंपनी की तेज़ मुनाफ़ा वृद्धि, मार्जिन में सुधार और आय की बेहतर दृश्यता को देखते हुए की है। तिमाही के दौरान कंपनी को जिंक और सिल्वर की ऊंची कीमतों, उत्पादन लागत में संरचनात्मक कमी और निरंतर मज़बूत परिचालन निष्पादन का लाभ मिला। जिसके चलते विश्लेषकों ने अपनी आय अनुमानों और मूल्यांकन को उन्नत किया।

जेएम फाइनेंशियल, जेफ़रीज और सिस्टमेटिक्स ने क्रमशः 770, 750 और 755 के संशोधित लक्ष्य मूल्य के साथ बाय रेटिंग दोहराई है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने भी बाय रेटिंग बरकरार रखते हुए 750 का लक्ष्य मूल्य दिया है। एचएसबीसी ने मज़बूत आय गति, सिल्वर के बढ़ते योगदान और निरंतर लागत अनुशासन को इसका प्रमुख आधार बताया।

यस सिक्योरिटीज़ ने एडीडी रेटिंग बनाए रखते हुए लक्ष्य मूल्य 725 कर दिया है, जबकि मोतीलाल ओसवाल ने न्यूट्रल रुख के साथ लक्ष्य मूल्य बढ़ाकर 720 कर दिया है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग, मूल्यांकन को लेकर सतर्क रहने के बावजूद, जिंक और सिल्वर की कीमतों के अनुमानों में ऊपर की ओर संशोधन के बाद अपने लक्ष्य मूल्य में वृद्धि की है।