दावोस/लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक के चौथे दिन उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में निवेश की संभावनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की। वैश्विक उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ रणनीतिक वार्ताओं के बाद, कई महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य-उन्मुख औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करना है।
दिन की प्रमुख उपलब्धि उत्तर प्रदेश और एस्सार समूह के साथ ₹25,000 करोड़ का एमओयू (MoU) समझौता रहा, जो डब्लूईएफ दावोस में उत्तर प्रदेश द्वारा प्राप्त सबसे बड़े निवेश प्रतिबद्धताओं में से एक है। प्रस्तावित निवेश पावर एवं ऊर्जा प्रणालियों, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग, तथा डेटा सेंटर जैसे उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्रों में किया जाएगा। जो मजबूत अवस्थापना और अगली पीढ़ी के डिजिटल इकोसिस्टम के भारत के विजन के अनुरूप है। इस साझेदारी से ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती, सप्लाई चेन की दक्षता में वृद्धि और बड़े स्तर पर औद्योगिक विस्तार के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
डिजिटल अर्थव्यवस्था को और मजबूती देते हुए एसए टेक्नोलॉजीज ने इन्वेस्ट यूपी के साथ ₹200 करोड़ के करार पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत राज्य में एक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित किया जाएगा। यह जीसीसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को उन्नत आईटी सेवाएं, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समाधान और नवाचार-आधारित क्षमता निर्माण में सहयोग करेगा, साथ ही युवाओं के लिए उच्च-मूल्य रोजगार के अवसर तैयार करेगा।
एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के तहत एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ नवीकरणीय ऊर्जा एवं ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के विकास हेतु गैर-वित्तीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिससे भारत के ऊर्जा संक्रमण और सतत विकास एजेंडे के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई।
उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के नेतृत्व में प्रदेश का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल दावोस (WEF) के दौरे पर है। दिनभर चले विभिन्न सत्रों में प्रतिनिधिमंडल ने एआई और डिजिटल नवाचार, ग्रीन हाइड्रोजन, वैश्विक वित्त, उन्नत विनिर्माण, अवसंरचना विकास, क्लीन-टेक और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैश्विक संगठनों के साथ रणनीतिक साझेदारी पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ।”
प्रमुख बैठकों में इलेवनलैब्स, एस्सार कैपिटल एडवाइजरी इंडिया, वेरडैगी, एचसीएल टेक, आरएमजेड इंफ्रास्ट्रक्चर, मार्श मैकलेनन, एजिलेंट, ब्लैकरॉक, इनविज़िबल टेक्नोलॉजीज, इंडियन ऑयल, गावी–द वैक्सीन अलायंस, गूगल, बीसीजी (बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप), टॉपसो और मार्लन स्पेस सहित अन्य संगठनों के साथ संवाद शामिल रहा।
प्रतिनिधिमंडल ने “क्लीन मोबिलिटी एवं एनर्जी स्टोरेज: ईवी, बैटरियां और कंपोनेंट्स” तथा “सेमीकंडक्टर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं स्मार्ट डिवाइसेज: रेज़िलिएंट (इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण) इसएसडीएम वैल्यू चेन्स का निर्माण” विषयक राउंडटेबल चर्चाओं में भी भाग लिया, जो उभरती तकनीकों में विश्वस्तरीय इकोसिस्टम विकसित करने पर उत्तर प्रदेश के फोकस को दर्शाता है।
इन्वेस्ट यूपी के प्रभावी प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश निरंतर एक ऐसे निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है, जहाँ वैश्विक निवेशकों को न केवल व्यापक स्तर (Scale) और गति (Speed) मिल रही है, बल्कि यह राज्य भविष्य के औद्योगिक विकास के लिए एक मजबूत आधार भी प्रदान कर रहा है।”
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