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देश का नया संकल्प -हम करके रहेंगे 

(मृत्युंजय दीक्षित)

भारत के यशस्वी व लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनैतिक यात्रा के 25 गौरवशाली पूर्ण होना केवल  उनके लिए ही नहीं अपितु भारतीय जनता पार्टी की यात्रा का भी अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में आरम्भ से हुई यह यात्रा अब नए संकल्पों के साथ नए युग में प्रवेश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसेवा नेतृत्व की अपनी यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 2047 में विकसित भारत – “वी विल डू इट हम करके रहेंगे“ का संकल्प लिया है। इस संकल्प के पीछे भविष्य के कई बड़े संदेश व संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ रहे हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर दिल्ली में आयोजित कार्यकर्ताओं के विशाल सम्मेलन को संबोधित करते हुए आगामी 25 वर्षों की रूपरेखा करी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे,  टॉप थ्री इकॉनमी, आत्मनिर्भर भारत, ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब, ओलिंपिक का आयोजन, अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाकर रहेंगे का नारा दिया। उन्होंने इस नये संकल्प के माध्यम से भारत के भीतर व बाहर बैठे विरोधियों को एक साथ अपने इरादे बता दिए । प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत व आत्मनिर्भर भारत को दूर की कौड़ी बताने वालों को भी करारा जवाब दिया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमत्री के रूप में अब तक की यात्रा विकास तथा गरीबों, महिलाओं व युवाओं  के कल्याण का पर्याय है। उनकी 25 वर्षे की सेवा और समर्पण की पहचान, अथक परिश्रम, अद्वितीय संकल्प और देश को  सर्वोपरि रखने को जीवन का लक्ष्य बनाने से रही है। भारत का जनमानस यह बात अच्छी तरह से समझ रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पूर्ण हो रहे हैं। अयोध्या में दिव्य व भव्य राम मंदिर, जम्मू कश्मीर से धारा 370 व अनुच्छेद- 35 ए की विदाई हो चुकी है जो भाजपा के आरंभिक संकल्प थे। भाजपा का तीसरा बड़ा संकल्प पूरे भारत में समान नागरिक संहिता को लागू करना भी धीरे -धीरे धरातल पर उतर रहा है। गोवा, उत्तराखंड व गुजरात में सामान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है व जबकि कई राज्यों में यह प्रक्रियाधीन है।राज्य विधानसभाओं के माध्यम से ही  लवजिहाद और धर्मांतरण के खिलाफ नये कानून बनाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की राजनैतिक सूझ-बूझ और विकास के मन्त्र वाली शासन यात्रा के प्रभाव से  भाजपा ने पश्चिम बंगाल जैसे विपक्ष के गढ़ में में अपनी सरकार का गठन किया। पूरे  पूर्वोत्तर को भाजपा ने  अपना बना लिया। आज त्रिपुरा से लेकर उड़ीसा तक भाजपा के मुख्यमंत्री हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्षों से जड़ जमाए बैठी समस्या  माओवाद- नक्सलवाद का अंत भी लगभग पूर्ण हो चुका है। माओवाद -प्रभावित बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब 15अगस्त व 26 जनवरी धूमधाम से मनाया जा रहा है। वर्तमान समय में केंद्र सरकार ने भारत को नशे से मुक्ति दिलाने का एक वृहद अभियान चलाया है और भारत को नशा मुक्त करने का संकल्प लिया है। स्वाभाविक रूप से यह नशे के अंतरराष्ट्रीय अवैध कारोबार को कड़ी चोट पहुंचायेगा यही कारण है कि आज भारत विरोधी ताकतें भारत सरकार को कमजोर करने के लिए नए -नए  षड्यंत्र कर रही हैं। 

इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को एक व्यापक संदेश दिया और कहा कि जीवन में आने वाली हर घटना कुछ न कुछ सिखाती है। जीवन में केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा महत्वपूर्ण नहीं है अपितु देश के लिए कुछ बड़ा करने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष का अनुभव और जनता का विश्वास एक बड़ी  पूंजी है। 2047 का विकसित भारत केवल एक तारीख या लक्ष्य नहीं अपितु लंबे समय तक चलने वाला राष्ट्रीय संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने जिसने सिखाया, जिसने गिराया और जिसने विरोध किया उन्होंने  सभी से कुछ न कुछ सीखा है। 

किसी भी समाज व राष्ट्र के विकास की प्रक्रिया के आधार भूत तत्व मानवता, समुदाय परिवार एवं व्यक्ति ही  होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्हीं  मूल तत्वों के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे हैं ओर सफलता के सोपान चढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनैतिक यात्रा में नेतृत्व के 25 वर्ष पूर्ण पर विश्व भर के राजनेताओं ने उन्हें बधाई संदेश दिए हैं जिसमें फिलीपिंस के राष्ट्रपति फर्डिनेड मार्कोस जूनियर, जापानी पीएम साने ताकाइची, बोत्सवाना के राष्ट्रपति  डयूमा गिडियन, बोको डोमिनिका के पीएम रूजवल्ट स्केरिट ने पीएम मोदी को अपना मित्र बताते हुए बधाई दी। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भी अपना संदेश  भेजा। भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग टोबगे ने पीएम नरेंद्र  मोदी को अपना बड़ा भाई बताते हुए भगवान विष्णु का अवतार बताया। कोविड काल के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में  भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से संपूर्ण वैश्विक जगत की सहायता की यही कारण है कि अब तक विश्व के 35 देशों का सर्वोच्च  सम्मान उन्हें  प्राप्त हो चुका है तथा वे 20 देशों की संसद को संबोधित कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत जी- 20 व ब्रिक्स देशों के समूह का शिखर सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन कर चुका है। दुनिया के बड़े निवेशक भारत  की ओर देख रहे हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया नारा  “वि विल डू इट – हम करके रहेंगे” उनकी आगामी यात्रा का संकल्प है, जिसके निहितार्थ बहुत गहरे हैं। आगामी चुनावों में बीजेपी इसी नारे के साथ आगे बढ़ेगी। 

(लेखक मृत्युंजय दीक्षित स्तंभकार हैं और ये उनके निजी विचार हैं)

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