लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड ने आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 के माध्यम से इंजीनियरिंग की तैयारी के अपने अकादमिक इकोसिस्टम को और मजबूत करने की घोषणा की है। यह नया परफॉर्मेंस आधारित एकेडमिक सिस्टम जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड और स्टेट सीईटी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक व्यवस्थित और बेहतर तैयारी का मार्ग तैयार करेगा। यह कार्यक्रम छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। जिसमें परिणाम-केंद्रित अकादमिक दृष्टिकोण, रैंक-प्रमाणित फैकल्टी टीम, वैज्ञानिक तरीके से तैयार और शोध-आधारित स्टडी मटेरियल, स्मार्ट टेस्टिंग और गहन विश्लेषण, एक ट्रांसपेरेंट ग्रोथ मैप और कक्षा के बाहर मेंटरशिप और इकोसिस्टम शामिल हैँ।
नेशनल लॉन्च के साथ, आकाश इनविक्टस चार खास बैच, ऐस, अचीवर, एक्सेलेरेटर, और एपेक्स भी पेश कर रहा है। हर बैच एक जैसा मज़बूत रास्ता है, जो इस बात पर बना है कि कोई स्टूडेंट सबसे अच्छा कैसे सीखता है और उसकी ख्वाहिश क्या है। चारों का मकसद एक ही है, यह पक्का करना कि हर स्टूडेंट बिना टेंशन के अपनी पूरी काबिलियत तक पहुँचे।

लॉन्च पर बात करते हुए, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, श्री चंद्र शेखर रेड्डी गरिसा ने कहा, “आकाश इनविक्टस-इंजीनियरिंग 2.0 को हमारे सबसे अच्छे टीचरों ने बनाया है, जिनके पास हर साल टॉप रैंक लाने का दशकों का अनुभव है। उन्होंने हमारे करिकुलम को फिर से बनाया, हमारी किताबें फिर से लिखीं, और हमारे टेस्टिंग मैकेनिज्म को शुरू से ही रीडिज़ाइन किया। हमने पहले कुछ खास सेंटर्स पर प्रोग्राम चलाया, और जेईई 2026 में रिजल्ट शानदार रहे। आज, हम भारत में हर आकाश ब्रांच के हर स्टूडेंट के लिए आकाश इनविक्टस ला रहे हैं, जिसकी शुरुआत हमारे मौजूदा स्टूडेंट्स से होगी। हमारा मानना है कि यह सिस्टम हमारे स्टूडेंट्स को जेईई एडवांस्ड, जेईई मेन, बिटसैट, और स्टेट इंजीनियरिंग एग्जाम में अपनी सबसे अच्छी रैंक पाने में मदद करेगा और हमें यकीन है कि जेईई 2027 और 2028 आकाश के इतिहास में सबसे अच्छे रिजल्ट होंगे। आखिर “एक्सीलेंस एक्सक्लूसिव क्यों रहना चाहिए।”
आकाश एजुकेशनल के रीजनल डायरेक्टर डीके मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष चुनिंदा शहरों में शुरू किए गए इनविक्टस को विद्यार्थियों और अभिभावकों से बेहतर प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद अब इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए संस्करण में अध्ययन सामग्री, टेस्टिंग, शिक्षकों की सहभागिता और विद्यार्थियों की निगरानी जैसे पहलुओं को और मजबूत किया गया है। इसमें फीस बढ़ाए बिना विद्यार्थियों को अतिरिक्त अकादमिक सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि आकाश की तैयारी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भी उपयोग बढ़ाया गया है। एआई विद्यार्थियों की विषयवार क्षमता, प्रश्न हल करने में लगने वाले समय और कमजोर क्षेत्रों का विश्लेषण कर व्यक्तिगत रिपोर्ट व अभ्यास सामग्री उपलब्ध कराता है।
यह रोलआउट पूरे भारत में आकाश की सभी ब्रांच में होगा और तुरंत शुरू हो जाएगा। आकाश के मौजूदा स्टूडेंट्स सबसे पहले इनविक्टस सिस्टम में जाएंगे, उसके बाद हर नया स्टूडेंट जो जुड़ेगा। ब्रांच स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए ओरिएंटेशन सेशन भी कर रही हैं ताकि इस प्रोग्राम को डिटेल में समझने में मदद मिल सके।
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