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गोमती उफान पर, गरजते बादलों ने बढ़ाई फैजुल्लागंज के बाढ़ पीड़ितों की चिंता

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। गोमती नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते राजधानी के कई इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। फैजुल्लागंज क्षेत्र में बीते कई दिनों से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। दाउदनगर, मिश्रीबाग, मलाही टोला, हरिनगर, कैटल कॉलोनी, मामा कॉलोनी और चौबे की डेयरी समेत आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में परिवार जलभराव और बाढ़ की परेशानी झेल रहे हैं। दूसरी ओर गोमती का पानी शहर के अपेक्षाकृत ऊंचे और विकसित इलाकों की ओर भी बढ़ने लगा है। शहीद पथ स्थित पलासियो मॉल के आसपास तक पानी पहुंचने की सूचना से लोगों में चिंता बढ़ गई है।

गुरुवार सुबह आसमान में छाए घने काले बादलों और गरज की आवाज ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की चिंता और बढ़ा दी। कई दिनों से घरों में पानी भरने और आवाजाही प्रभावित होने का सामना कर रहे लोगों को अब बारिश होने की आशंका सता रही है। प्रभावित लोगों का कहना है कि यदि मूसलाधार बारिश हुई तो पहले से जलमग्न इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इससे न केवल जलस्तर बढ़ने का खतरा है, बल्कि राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई स्थानों पर सड़कों और गलियों में पानी भरा हुआ है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के सामने घरों से बाहर निकलने, जरूरी सामान लाने और बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चुनौती बनी हुई है। लगातार पानी जमा रहने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हुए हैं, जबकि कुछ लोग अभी भी अपने घरों और सामान की सुरक्षा के लिए वहीं डटे हुए हैं।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव गतिविधियां भी जारी हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने के साथ ही सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। जलभराव वाले इलाकों में राहत दलों की आवाजाही और जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित निकालने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से पानी भरे क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी जा रही है।

गोमती का बढ़ता जलस्तर सिर्फ नदी के किनारे बसे इलाकों तक सीमित नहीं रह गया है। शहर के दूसरे हिस्सों में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। शहीद पथ के आसपास पानी पहुंचने से यह स्पष्ट हो रहा है कि नदी के बढ़े जलस्तर और लगातार जलभराव का प्रभाव व्यापक क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। ऐसे में लोगों की निगाहें अब नदी के जलस्तर और मौसम के रुख पर टिकी हैं।

फैजुल्लागंज के लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता आने वाले घंटों में मौसम को लेकर है। सुबह से बादलों की आवाजाही और गरज ने बारिश की आशंका पैदा कर दी है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि पहले से घरों और रास्तों में पानी भरा है। ऐसे में तेज बारिश होने पर पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है और बाढ़ का दायरा बढ़ सकता है। लोगों ने जलनिकासी की व्यवस्था तेज करने और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाढ़ के कारण कई परिवारों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। जरूरी सामान, भोजन, पीने का पानी और दवाओं जैसी आवश्यकताओं के लिए भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवार विशेष रूप से चिंतित हैं। लगातार जलभराव के बीच बीमारियों का खतरा भी लोगों को परेशान कर रहा है।

फिलहाल राहत और बचाव कार्यों के साथ सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखना और जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखना है। मौसम खराब होने की स्थिति में प्रशासन के सामने प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत व्यवस्था को मजबूत करने की अतिरिक्त चुनौती होगी। फैजुल्लागंज में बाढ़ का संकट बरकरार है और प्रभावित परिवार आसमान साफ होने तथा गोमती का जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहे हैं।