लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आध्यात्मिक जीवन हमें दुनिया से दूर नहीं करता, बल्कि हमें और गहराई में ले जाता है। 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस तथ्य को चरितार्थ करती धार्मिक आध्यात्मिक किताबें आम जन को अपनी ओर खींच रही हैं। रामकृष्ण मठ के स्टाल पर रामकृष्ण परमहंस व स्वामी विवेकानंद के साहित्य के संग स्वामी अपूर्वानन्द की गीता व्याख्या, क्रोध पर विजय, स्वामी अभेदानन्द की योगदर्शन एवं योग-साधना, निखिलेश्वरानन्द की एकाग्रता और ध्यान जैसी कम कीमत मगर उच्च आध्यात्मिक स्तर की किताबें हैं।
गायत्री ज्ञान मंदिर को स्टाल पर आचार्य श्रीराम शर्मा की वेदों, उपनिषदों की ऋग्वेद संहिता, सामवेद संहिता, 108 उपनिषद जैसी व्याख्यात्मक पुस्तकों के संग गायत्री महाविज्ञान, हमारी संस्कृति इतिहास के कीर्ति स्तंभ, सूक्ष्मीकरण एवं उज्ज्वल भविष्य का अवतरण जैसी अनेक पुस्तकें हैं। यहां किताबों के दाम आठ रुपये से शुरू है।
आर्य प्रतिनिधि सभा के स्टाल पर महर्षि दयानंद सरस्वती की सत्यार्थ प्रकाश मात्र 30 रुपये में है। यहां वेद पुस्तक माला के अतिरिक्त आ.उदयवीर शास्त्री की न्यायदर्शनम्, वैशेषिक दर्शनम्, ब्रह्मसूत्र, योगदर्शनम् के अलावा चरक संहिता, वाल्मीकि रामायण, विशुद्ध मनुस्मृति जैसी पुस्तकें हैं। ईएच एफ लर्निंग में गीता के अध्यायों पर गीता मंथन शीर्षक से सांख्य योग, अर्जुन विषाद योग, पुरुषोत्तम योग जैसी श्रृंखलाबद्ध पुस्तकें हैं। साथ ही उपनिषदों के प्रश्नोपनिषद, केनोपनिषद आदि के भाष्य उपलब्ध हैं।
पैराडाइज बुक के स्टाल पर हिंदी अंग्रेजी ओशो साहित्य में सेक्स: तथ्य और भ्रान्तियां, काल आफ द ओशन व गहरे पानी पैठ जैसी किताबें और अन्य साहित्य प्रचुर मात्रा में है। गीता प्रेस के स्टाल पर कल्याण पत्रिका के श्री गणेश अंक, रामांक जैसे विशेषांक हैं तो कई साइज में मानस, सुंदरकांड, गीता, शिव पुराण, श्रीमद्भागवत आदि ग्रंथ मिल रहे हैं। रीतेश बुक में सदगुरु की कर्मा के संग दलाईलामा, परमहंस योगानंद और महर्षि अरविन्द की पुस्तकें हैं।
सत्य मार्ग के स्टाल पर हिन्दी, अंग्रेजी व उर्दू में आओ नमाज सीखें, इस्लाम आतंक या आदर्श?, ताअलीमुल कुरआन, आप से कैसे करें स्टोरीज आप द प्राफेट्स जैसी किताबें हैं। साथ ही सै.अबुल हसन अली नदवी की हिन्दुस्तानी मुसलमानों से साफ साफ बातें, मानवता का स्तर जैसी इस्लामी किताबें भी हैं। गिडियंस के स्टाल पर बाइबिल मुफ्त मिल रही है। अन्य स्टालों पर भी धर्म अध्यात्म की किताबें बहुत हैं।

मेला मंच पर मंगलवार शाम विवेक शुक्ल की पिता जस्टिस उमेश दत्त शुक्ल पर लिखी पुस्तक ‘कर्मयोगी’ का विमोचन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। उन्होंने कहा कि अपने अध्ययन के दौरान मैंने न्यायाधीश उमेश दत्त जी को विभिन्न पदों पर काम करते उनकी कर्मठता को देखा है। लेखक विवेक ने बताया कि लेखन में मुझे मां वीना शुक्ला और पत्नी नीना शुक्ला का बहुत सहयोग मिला। कार्यक्रम में डीएस शुक्ल, डा. अमिता दुबे, अलका प्रमोद, हरिमोहन बाजपेयी माधव, अजय कुमार मिश्र व मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने विचार व्यक्त किये।
मंच पर अरशाना अज्मत की दास्तानगोई के स्वर गूंजे। अरशाना ने उर्दू साहित्यकार इस्मत चुग़ताई के व्यक्तित्व, जीवनगाथा और कृतित्व को दास्तां को समेटा। इसमें कुछ बातें मण्टो जैसे रचनाकारों की भी शामिल थीं। जल संरक्षण के मीनू खरे के संयोजन में हुए ब्लू ड्राप के कार्यक्रम में मेले की थीम के अनुरूप डा. जया तिवारी के महिलाओं के मेरी जिंदगी बैण्ड ने वंदे मातरम् की प्रस्तुति दी।
आरजे देवेन्द्र सिंह, डा. कुमुद, शोभित गुप्ता, स्वाति मालवीय, अमित कुमार को पूर्व प्रसार भारती अधिकारी डा. सतीश ग्रोवर, डा. मिथिलेश व सुशील सीतापुरी ने सम्मानित किया। मीनू खरे और देवेन्द्र ने यहां गोमती और सहायक आठ नदियों कुकरैल, सई आदि नदियों के साथ मोतीझील, जमुना झील, टिकैत राय तालाब, छाछी कुंआ, बड़े इमामबाड़े की शाही बावली, छतर मंजिल की जल व्यवस्था और बक्शी का तालाब के बारे में बताया।
इससे पहले सुबह सुंदरम साहित्य संस्थान और नवोदय साहित्यिक संस्थान के काव्य समारोहों के साथ वरिष्ठ कविजन समिति का सम्मान समारोह हुआ। शाम को कामिनी श्रीवास्तव के जैसा और कुण्डलियों के संग्रह दिव्य सरोवर का विमोचन नरेंद्र भूषण और महेंद्र भीष्म ने किया।
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