लखनऊ (शम्भू शरण वर्मा /टेलीस्कोप टुडे)। शारदीय नवरात्र के उल्लास के बीच राजधानी में दुर्गा पूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। विकास नगर सेक्टर-9 स्थित शाश्वत दुर्गा पूजा समिति ने वर्ष 2026 के भव्य दुर्गा पूजा पंडाल की थीम का अनावरण किया। इस बार श्रद्धालुओं को कोलकाता के प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर काली मंदिर की स्थापत्य कला और आध्यात्मिक विरासत की झलक लखनऊ में देखने को मिलेगी।
पंडाल की परिकल्पना केवल भव्यता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से बंगाल की समृद्ध धार्मिक परंपरा, कला, संस्कृति और आस्था को राजधानीवासियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। “A Journey to Divine Heritage” थीम के तहत तैयार होने वाला यह पंडाल पूजा के साथ श्रद्धालुओं को परंपरा और आध्यात्मिकता की अनूठी यात्रा का अनुभव कराएगा।
पंडाल में दक्षिणेश्वर काली मंदिर की विशिष्ट वास्तुकला, शिखर, स्तंभ, अलंकरण और पारंपरिक बंगाली स्थापत्य शैली को प्रमुखता दी जाएगी। आकर्षक प्रकाश सज्जा और पारंपरिक सजावट इसके स्वरूप को और भव्य बनाएगी। समिति का प्रयास है कि पंडाल में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को बंगाल की दुर्गा पूजा की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक वातावरण का जीवंत अनुभव मिल सके।

समिति के अध्यक्ष अनिमेष मुखर्जी ने कहा कि इस वर्ष उद्देश्य केवल भव्य पंडाल तैयार करना नहीं, बल्कि लखनऊ में बंगाल की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की अनुभूति कराना है। दक्षिणेश्वर की आध्यात्मिकता और स्थापत्य कला से प्रेरित पंडाल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनेगा। उपाध्यक्ष लिपिका चटर्जी ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और समाज को जोड़ने वाला उत्सव है। इस वर्ष बंगाल की कला, भक्ति और परंपरा को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
सचिव सुमीत भौमिक ने बताया कि समिति हर वर्ष श्रद्धालुओं के लिए कुछ नया और यादगार प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। दक्षिणेश्वर काली मंदिर से प्रेरित इस वर्ष का पंडाल इसी कड़ी का हिस्सा है। पूजा के साथ श्रद्धालुओं को ऐसा सांस्कृतिक अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा, जिसे वे लंबे समय तक याद रखें।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम
शारदीय दुर्गा पूजा के दौरान महाषष्ठी, महासप्तमी, महाअष्टमी, संधि पूजा, कुमारी पूजा और विजयादशमी सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इसके साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जिनमें स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। समिति ने श्रद्धालुओं, क्षेत्रवासियों और लखनऊवासियों से सपरिवार पूजा में शामिल होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने और इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने का आह्वान किया है।
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