Friday , October 2 2026

DDU : गांधी-शास्त्री जयंती पर गूंजा सेवा, स्वच्छता और राष्ट्रभावना का संदेश

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम् में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा, गरिमा एवं राष्ट्रभावना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत स्वच्छता एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवानी श्रीवास्तव ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पं. दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन से हुआ। इसके पश्चात् ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्राचार्य, प्राध्यापकों तथा राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर एवं रेंजर्स की छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान में सहभागिता की। इस अभियान के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया गया।

एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निशी मिश्रा एवं डॉ. विशाल वर्मा, रेंजर्स प्रभारी डॉ. स्मिता पांडेय तथा एनसीसी प्रभारी डॉ. नेहा जैन के कुशल नेतृत्व में छात्राओं ने संपूर्ण कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं एवं विभिन्न अभियानों में सक्रिय सहभागिता की।

तदोपरांत महात्मा गाँधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। छात्राओं द्वारा सर्वधर्म प्रार्थना प्रस्तुत की गई। जिसके पश्चात् गांधीजी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ का सामूहिक गायन हुआ। प्रार्थना एवं भजन के माध्यम से संपूर्ण महाविद्यालय परिसर सद्भाव, शांति और गांधीवादी मूल्यों की भावना से ओत-प्रोत हो उठा।

कार्यक्रम के वैचारिक एवं सांस्कृतिक क्रम में छात्राओं ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन-दर्शन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान पर आधारित प्रेरक भाषण एवं काव्य-पाठ प्रस्तुत किए। छात्राओं ने अपनी अभिव्यक्तियों के माध्यम से सत्य, अहिंसा, सादगी, स्वावलंबन, राष्ट्रप्रेम, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा जैसे जीवन-मूल्यों को रेखांकित किया।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) प्रियंका शर्मा ने महात्मा गांधी के स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता संबंधी विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वदेशी केवल एक आर्थिक अवधारणा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, स्वावलंबन और अपने देश की सामर्थ्य पर विश्वास का व्यापक जीवन-दर्शन है। उन्होंने छात्राओं को गांधीजी एवं शास्त्रीजी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर जिम्मेदार, संवेदनशील एवं आत्मनिर्भर नागरिक बनने का आह्वान किया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्या प्रो. (डॉ.) शिवानी श्रीवास्तव ने कहा कि गांधीजी एवं शास्त्रीजी का जीवन सादगी, सत्यनिष्ठा, सेवा, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने छात्राओं को इन महापुरुषों के आदर्शों को अपने आचरण में उतारने तथा स्वच्छता, अनुशासन, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का  संचालन समारोहक प्रो. (डॉ.) रीता अग्निहोत्री ने किया। कार्यक्रम का समापन रामधुन ‘रघुपति राघव राजा राम’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिसने संपूर्ण वातावरण को राष्ट्रभावना, शांति एवं सद्भाव से परिपूर्ण कर दिया। इसके पश्चात् राष्ट्रगान किया गया।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) अखिलेश कुमार, प्रो. (डॉ.) सुरंगमा यादव, डॉ. संजीव कुमार अग्रवाल, प्रो. (डॉ.) किरण सिंह, प्रो. (डॉ.) मिशू सिंह, प्रो. (डॉ.) प्रीति वाजप्ये, डॉ. विशाखा कमल, डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, डॉ. अमितेन्द्र सिंह, डॉ. साधना सिंह यादव, डॉ. पूनम पांडे, डॉ. शेफाली सिंह, डॉ. सुमन एवं डॉ. मोनिका द्विवेदी सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं कार्यालय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।