लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तर प्रदेश रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन की 63वीं वार्षिक आम सभा शनिवार को आयोजित हुई। दिनभर चले कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए रोलर फ्लोर मिलर्स, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े उद्यमियों, विशेषज्ञों, वित्तीय संस्थानों तथा देश की प्रमुख कंपनियों तथा चाइना, स्विट्जरलैंड, टर्की की अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने गेहूं की उपलब्धता, सरकारी नीतियों, नई तकनीक, खाद्य सुरक्षा, वैल्यू एडिशन और मिलिंग उद्योग के भविष्य पर विस्तार से मंथन किया। AGM की शुरुआत एसोसिएशन की औपचारिक कार्यवाही, अध्यक्षीय संबोधन, महासचिव की वार्षिक रिपोर्ट और खातों की प्रस्तुति से हुई।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि गेहूं केवल कृषि उपज नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा आधार है। ऐसे में मिलिंग उद्योग की जिम्मेदारी उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता, स्वच्छता, आधुनिक तकनीक और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी है।

उन्होंने कहा, “कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार किसानों के लिए बाजार, युवाओं के लिए रोजगार और प्रदेश में मूल्यवर्धन के नए अवसर पैदा करता है। उद्योग आधुनिक तकनीक अपनाए और गुणवत्ता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए।”
केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से इस कार्यक्रम के लिए यूपीआरएफ़एमए को बधाई देते हुए कहा कि यह उस उद्योग का समागम है जिसका संबंध सीधे हमारे किसान से, हमारी रसोई से, हमारे रोजगार से और देश की खाद्य सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, मुझे यह जानकर विशेष प्रसन्नता हुई कि U.P. Roller Flour Millers Association की स्थापना वर्ष 1962 में हुई थी, अर्थात् यह संस्था छह दशकों से भी अधिक समय से उत्तर प्रदेश के रोलर फ्लोर मिल उद्योग के हितों की रक्षा, समस्याओं के समाधान, सरकार और उद्योग के बीच संवाद तथा उद्योग के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर कार्य करती आ रही है।
उन्होंने कहाकि 1962 से 2026 तक की यह यात्रा अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। समय बदला, तकनीक बदली, व्यापार के तौर-तरीके बदले, उपभोक्ताओं की अपेक्षाएं बदलीं, खाद्य सुरक्षा के मानक बदले—परंतु इस संस्था ने समय के साथ स्वयं को बदला और उद्योग के लिए अपनी भूमिका लगातार मजबूत की।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में UPRFMA अध्यक्ष दीपक कुमार बजाज, महासचिव चंदन सावरिया, उपाध्यक्ष सुरेश चन्द्र सिंघल, संजीव अग्रवाल एवं आकाश जालान, कोषाध्यक्ष सिमरनजीत सिंह गांधी सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में FCI के महाप्रबंधक प्रशांत शर्मा और SIDBI के महाप्रबंधक जय गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ प्रतिनिधियों सहित गणमान्य जन की भी भागीदारी रही।
किसान और उपभोक्ता के बीच मजबूत सेतु है रोलर फ्लोर मिलिंग सेक्टर : दीपक बजाज
UPRFMA अध्यक्ष दीपक कुमार बजाज ने कहा कि बदलते समय के साथ रोलर फ्लोर मिल उद्योग को केवल पारंपरिक गेहूं प्रसंस्करण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आज आटा, मैदा और सूजी के साथ-साथ वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स, ऑटोमेशन, ऊर्जा बचत, फ़ूड सेफ्टी और सस्टेनेबल मिलिंग पर तेजी से काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, “किसान के खेत से निकलने वाला गेहूं जब आटा, मैदा, सूजी और अन्य उत्पादों के रूप में बाजार तक पहुंचता है, तब रोलर फ्लोर मिल उद्योग किसान और उपभोक्ता के बीच मजबूत सेतु का काम करता है।बिस्किट, ब्रेड, बेकरी, नूडल्स और अनेक खाद्य उद्योगों के लिए हमारा सेक्टर आधारभूत कच्चा माल उपलब्ध कराता है।”

श्री बजाज ने कहा कि UPRFMA छह दशकों से अधिक समय से मिलर्स, उद्योग प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाकर उद्योग की समस्याओं एवं भविष्य की संभावनाओं पर कार्य करता रहा है। एसोसिएशन की संगठनात्मक मजबूती, नई Strategic & Patron Committee तथा उद्योग के वरिष्ठ एवं युवा सदस्यों की बढ़ती भागीदारी संगठन के कार्यशैली को और अधिक सशक्त बनाएगी।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश रोलर फ्लोर मिलिंग उद्योग के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती मंडी शुल्क है क्योंकि उत्तर प्रदेश के अन्य पड़ोसी राज्यों में मंडी शुल्क नहीं है जिसके कारण यहाँ उत्पादित आटा, मैदा, सुजी इत्यादि के दामों में वृद्धि हो जाती हैं। जिसके कारण यहाँ के उद्यमियों को प्रतिस्पर्धा में काफ़ी नुक़सान उठाना पड़ता हैं।
दीपक कुमार बजाज ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूरे भारत में सबसे ज़्यादा गेहूँ का उत्पादन करने वाला राज्य है परंतु विडंबना यह है कि उत्तर प्रदेश को उत्पादक राज्य का दर्जा नहीं मिल रहा है। इसका असर यह होता है कि यहाँ के उद्यमियों को जब पंजाब, हरियाणा या अन्य प्रदेश से गेहूं मंगाना पड़ता हैं तो उसपर उद्यमी को भाड़ा देना पड़ता है। जिससे उसके कच्चे माल के दाम में वृद्धि होती है परिणाम स्वरूप उत्पादित माल भी अन्य प्रतिस्पर्धी राज्यो से महंगा पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उत्तर प्रदेश को उत्पादक राज्य घोषित किया जाए, जिससे यहाँ के उद्योग अपनी पूरी क्षमता के साथ उत्पादन करे। जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, राजस्व में वृद्धि होगी तथा रोजगार के अनेक अवसर भी सृजित होंगे।

महासचिव चंदन सावरिया ने एसोसिएशन की वार्षिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि UPRFMA का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक सदस्य की समस्याओं को उचित मंच पर उठाना और उद्योग को भविष्य के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि छोटे और बड़े सभी मिलर्स को नई तकनीक, बेहतर मिलिंग प्रैक्टिसेज और बदलते रेगुलेटरी एनवायरनमेंट से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। सरकार और उद्योग के बीच निरंतर संवाद से ही व्यावहारिक समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सकता है।
सत्र–1 में ‘द मिल ऑफ टुमारो’ पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
AGM का पहला प्रमुख तकनीकी सत्र “कल की मिल – मिलिंग इंडस्ट्री का भविष्य, तैयार उत्पादों में वैल्यू एडिशन, फ़ूड सेफ़्टी और अच्छी मिलिंग प्रैक्टिस” विषय पर आयोजित हुआ। ज़ी बिज़नेस के एंकर एवं कमोडिटी संपादक मृत्युंजय झा ने सत्र का संचालन किया।
पैनल में UPRFMA अध्यक्ष दीपक कुमार बजाज, पूर्व CWC चेयरमैन ईश्वर चंद चड्ढा, डॉ. एनके गुप्ता, रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के वाईस प्रेसिडेंट रोहित खेतान, कन्वेनर संदीप बंसल तथा CII से जुड़े गौरव शाह ने भाग लिया।
सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले दिनों में फ्लोर मिलों को केवल उत्पादन क्षमता के आधार पर नहीं, बल्कि ऑटोमेशन, ट्रैसेबिलिटी, एनर्जी एफिशिएंसी, फ़ूड सेफ्टी, सस्टेनेबिलिटी और वैल्यू एडिशन के आधार पर प्रतिस्पर्धी बनना होगा।
सत्र-2 में गेहूं की उपलब्धता, खरीद नीति और निर्यात पर चर्चा हुई
दूसरे महत्वपूर्ण सत्र में “गेहूं का भविष्य – गेहूं की उपलब्धता का भविष्य का अनुमान, निर्यात का माहौल, खरीद की रणनीतियां, सरकारी नीतियां और आगे की राह” में आगामी वर्षों में गेहूं की उपलब्धता, प्रोक्योरमेंट स्ट्रैटेजी, एक्सपोर्ट प्रमोशन और सरकारी नीतियों पर व्यापक चर्चा हुई। सत्र का संचालन CNBC की एंकर एवं कमोडिटी एडिटर मनीषा गुप्ता ने किया।
चर्चा में ITC के खालिद खान, नेस्ले के भूपेंद्र नेगी, UPRFMA अध्यक्ष दीपक कुमार बजाज, आरबी कमोडिटीज के पवन जिंदल, RFMFOI अध्यक्ष नवनीत चितलांगिया तथा संदीप बंसल ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने गेहूं की उपलब्धता और बाजार की मांग के बीच संतुलन, बेहतर प्रोक्योरमेंट प्लानिंग, स्टोरेज और भविष्य की नीतिगत आवश्यकताओं पर उद्योग के दृष्टिकोण को साझा किया।

सायंकालीन सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चन्द्र शर्मा ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान से खरीद, भंडारण, परिवहन, प्रसंस्करण और उपभोक्ता तक खाद्यान्न पहुंचाने की पूरी श्रृंखला एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। मजबूत और आधुनिक प्रोसेसिंग सेक्टर इस पूरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने उद्योग जगत और सरकार के बीच निरंतर संवाद को उपयोगी बताते हुए खाद्य प्रसंस्करण और वितरण व्यवस्था में आधुनिक तकनीक एवं गुणवत्ता पर जोर दिया।
SIDBI और IGrain के साथ सहयोग को मिला नया आयाम
AGM के दौरान UPRFMA और SIDBI के बीच सहयोग से संबंधित MOU साईनिंग एवं प्रजेंटेशन आयोजित हुआ। इसके साथ IGrain और UPRFMA के बीच भी MOU पर हस्ताक्षर किए गए।
अवार्ड नाईट में गोल्डन ग्रेन अवॉर्ड्स से उद्योग के दिग्गजों और युवा उद्यमियों का सम्मान किया गया। रोलर फ्लोर मिल उद्योग जगत में दीर्घकालीन योगदान, नई तकनीक, युवा उद्यमिता, सस्टेनेबिलिटी और महिला उद्यमिता के लिए विभिन्न श्रेणियों में सम्मान प्रदान किए गए।

लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से मदन लाल जिंदल, रामचंद्र सिंघल, प्रमोद वैश्य, राजेन्द्र प्रसाद सावरिया, संतोष अग्रवाल, बी. अशोक कुमार एवं टेक चन्द जिंदल को सम्मानित किया गया। फ्लोर मिलिंग लेगेसी अवार्ड श्रेय अग्रवाल, राजीव कुमार गुप्ता तथा महेश प्रकाश सिंघानिया को प्रदान किया गया। वहीं यंग मिलर एंटरप्रेन्योर अवार्ड से भावेश कुमार गुप्ता, माधव भालोटिया और अंकित केडिया को सम्मानित किया गया। एक्सीलेंस इन मिलिंग टेक्नोलॉजी अवॉर्ड से संदीप बंसल और तुषार अग्रवाल को, सस्टेनेबल मिलिंग एंड & एनर्जी एक्सीलेंस अवॉर्ड से प्रबल मोहन और अंकित वैश्य को तथा वूमेन एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड से श्वेता जिंदल को सम्मानित किया गया।
उत्तर प्रदेश रोलर फ्लोर मिलर्स की लखनऊ स्थित भवन विनिर्माण में अंशदान देने वाले उद्यमियों को भामा शाह अवार्ड से सम्मानित किया गया। जिसके अंतर्गत दीपक कुमार बजाज, संदीप बंसल, विजय कुमार गुप्ता, श्रीकिशन अग्रवाल, गुरजीत सिंह, धर्मेंद्र जैन, टेक चंद जिंदल, मदन लाल जिंदल, अंकित केडिया, आदि नारायण गुप्ता तथा संजय कुमार अग्रवाल को सम्मानित किया गया। इस कार्य में अपना सहयोग प्रदान करने वाले उद्यमियों को भी सम्मानित किया गया।
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