वाराणसी (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने गुरुवार को CII Banaras Biennale 2026 के पहले संस्करण की घोषणा की। यह एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल है, जिसका उद्देश्य भारत को संस्कृति, रचनात्मकता और विचारों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
यह बिएनाले 27 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। “KASHI / LIGHT – City as Sensorium” थीम के तहत पूरे बनारस को एक विशाल सांस्कृतिक मंच में परिवर्तित किया जाएगा। एक महीने तक चलने वाले इस आयोजन में दृश्य कला, वस्त्र एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनियां, संगीत कार्यक्रम, विरासत अनुभव, विद्वत संवाद, खान-पान से जुड़ी गतिविधियां और पहली बार आयोजित होने वाला Banaras Film Festival शामिल होगा।
BHU और CII के बीच समझौता
बिएनाले को सहयोग देने के लिए Banaras Hindu University (BHU) और CII के बीच BHU परिसर में Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य अकादमिक, उद्योग और सांस्कृतिक क्षेत्रों के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा छात्रों और युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसर पैदा करना है।
बिएनाले को भारत की जीवंत विरासत के उत्सव के रूप में तैयार किया गया है। इसमें कलाकारों, शिल्पकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, विद्वानों, छात्रों, रचनात्मक उद्यमियों, संस्थानों और उद्योग जगत के नेताओं को एक मंच पर लाया जाएगा। दृश्य कला, वस्त्र एवं शिल्प, संगीत, सिनेमा और विरासत के क्षेत्रों के माध्यम से अकादमिक, उद्योग और रचनात्मक समुदायों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा।
बिएनाले के लिए गठित उच्चस्तरीय संचालन समिति की अध्यक्षता माधव सिंघानिया (Joint Managing Director एवं CEO, JK Cement Limited) कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि CII Banaras Biennale भारत की जीवंत सभ्यता का उत्सव मनाने और बनारस को वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान, रचनात्मकता और विचारों के केंद्र में स्थापित करने का अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि E2EE Career Lounge युवाओं को उद्योग, कौशल और रोजगार के अवसरों से जोड़कर इस दृष्टिकोण को और मजबूत करेगा।
युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की पहल
CII अपनी Education 2 Employment & Enterprise (E2EE) Career Lounges पहल के माध्यम से विश्वविद्यालयों में तकनीक-सक्षम करियर सहायता केंद्र स्थापित कर रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों की अकादमिक शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करना है।
अब तक 32 Career Lounges संचालित किए जा चुके हैं और CII की योजना इन्हें बढ़ाकर 100 Lounges तक करने की है। इसके माध्यम से हर वर्ष 5 लाख से अधिक छात्रों तक पहुंचने का लक्ष्य है। इन केंद्रों में करियर काउंसलिंग, सॉफ्ट-स्किल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट सहायता, जॉब फेयर और उद्यमिता मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
BHU के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा ज्ञान, परंपरा और समकालीन विचारों को जोड़ने का प्रयास करता रहा है। CII के साथ यह साझेदारी अकादमिक जगत, उद्योग और समाज को एक साथ लाने वाले दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि BHU में स्थापित होने वाला CII का E2EE Career Lounge छात्रों को उद्योग, कौशल और उभरते करियर अवसरों से जोड़कर इस सहयोग को और मजबूत करेगा। Institutional Partner के रूप में BHU अकादमिक भागीदारी, छात्र सहभागिता और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सहयोग करेगा।
CII National Committee on Art & Culture की Chairperson तराना साव्हनी ने कहा कि Banaras Biennale शहर की समृद्ध विरासत के साथ विभिन्न कलात्मक परंपराओं और समकालीन दृष्टिकोणों को संवाद का अवसर देगा। इससे कलाकारों और दर्शकों के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी, जबकि आयोजन बनारस के विशिष्ट सांस्कृतिक परिवेश से गहराई से जुड़ा रहेगा।
बिएनाले में दृश्य कला प्रदर्शनियां, वस्त्र एवं शिल्प प्रदर्शनियां, संग्रहालय और गैलरी कार्यक्रम, संगीत एवं प्रस्तुतियां, विद्वत संवाद, मास्टरक्लास और रचनात्मक उद्योग से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के प्रमुख स्थलों में Banaras Hindu University, Bharat Kala Bhawan और Jnana Pravaha के साथ शहर के अन्य सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक स्थल शामिल होंगे।
बिएनाले के पहले संस्करण के लिए एक प्रतिष्ठित क्यूरेटोरियल टीम काम करेगी। जिसमें गायत्री सिन्हा (Lead Curator, Visual Arts), प्रमोद कुमार (KG — Curator, Textiles & Crafts), डॉ. अंजन चक्रवर्ती (Curator, Museums and Galleries at Jnana Pravaha) शामिल हैं। यह टीम समकालीन कला, शोध, संग्रहालय संग्रह और बनारस की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को एक साथ प्रस्तुत करेगी।
दीर्घकालिक सांस्कृतिक संस्था बनाने की योजना
CII Banaras Biennale 2026 को भारत का पहला उद्योग-नेतृत्व वाला शहर-व्यापी बिएनाले बताया गया है। यह एक दीर्घकालिक प्रयास की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य ऐसी राष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्था विकसित करना है जो भारत की जीवंत विरासत को वैश्विक सांस्कृतिक विमर्श के केंद्र में रखे।
इस पहल में उद्योग, सरकार, अकादमिक संस्थानों, संग्रहालयों, कलाकारों और स्थानीय समुदायों को साथ लाकर यह दिखाने का प्रयास किया जाएगा कि संस्कृति शिक्षा, नवाचार, पर्यटन, सामाजिक विकास और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
बिएनाले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा इसके माध्यम से Artisan Development & Design Centre (ADDC), Model Career Centre, BHU में Education to Employment Lounge और Varanasi Healthy Weavers Initiative जैसी योजनाएं भी शुरू की जाएंगी। इनका उद्देश्य सामुदायिक विकास, कारीगरों की आजीविका और कौशल विकास को बढ़ावा देना है।
बनारस नवंबर में दुनिया का स्वागत करने की तैयारी करेगा। यह बिएनाले भारत की सांस्कृतिक आत्मविश्वास को प्रदर्शित करने के साथ-साथ भविष्य के लिए नई संभावनाओं को आकार देने वाले एक वैश्विक मंच के रूप में विकसित होने की आकांक्षा रखता है।
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