मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। रक्षाबंधन किसी के लिए भाई-बहन के प्यार का त्यौहार है, तो किसी के लिए यह रिश्ता राखी बांधने की परंपरा से कहीं बढ़कर है। इस रक्षाबंधन पर सन नियो के कलाकार सूरज प्रताप सिंह, जो दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी में प्रेम का किरदार निभा रहे हैं, आरती बिराजदार, जो थोड़ी सी उम्मीद थोड़ा सा आसमान में वैदेही की भूमिका में हैं और आगामी शो राजनंदिनी में राजनंदिनी के किरदार में नजर आने वालीं नेहा सोलंकी ने अपने भाई-बहन के रिश्ते और उससे जुड़ी खास यादों के बारे में बात की। बचपन की यादों और मस्ती भरे पलों से लेकर हर मुश्किल में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने के वादे तक इन कलाकारों ने बताया कि उनके लिए रक्षाबंधन सिर्फ राखी बाँधने का त्यौहार नहीं बल्कि प्यार, साथ और एक-दूसरे की परवाह करने का रिश्ता है।
सूरज प्रताप सिंह ने कहा, “मेरी कोई बहन नहीं है। हम परिवार में तीन भाई हैं। लेकिन, रक्षाबंधन से बचपन की मेरी कई प्यारी यादें जुड़ी हैं। मैं सबसे छोटा था, इसलिए रक्षाबंधन पर मेरी माँ और मेरे दोनों भाई मुझे फिल्म दिखाने ले जाते थे। इसके बाद मेरा पसंदीदा बाहर का खाना और घर पर ढेर सारी रस मलाई मिलती थी। मैं एक बार में आसानी से 10 से 15 रस मलाई खा लेता था। आजकल हम देखते हैं कि बहनें एक-दूसरे को राखी बाँधती हैं या भाई-बहन मिलकर यह त्यौहार मनाते हैं, लेकिन मुझे ऐसा मौका कभी नहीं मिला। हालाँकि, मेरे बड़े भाई ने हमेशा मेरी रक्षा की है और मेरा ख्याल रखा है। मुझे लगता है कि रक्षाबंधन का असली मतलब भी यही है। चाहे भाई-बहन का रिश्ता हो, दो भाइयों का हो या दो बहनों का, हर भाई-बहन अपने प्यार को अलग-अलग तरीके से जताता है। लेकिन, आखिर में सभी एक-दूसरे की रक्षा करने, साथ देने और हर मुश्किल में खड़े रहने के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं। और इस साल मेरे लिए रक्षाबंधन और भी खास है, क्योंकि मेरे मौजूदा शो दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी की शुद्धि मुझे राखी बांधेगी और मेरी छोटी बहन बनेगी।”
आरती बिराजदार ने कहा, “मेरा कोई भाई नहीं है मेरी एक छोटी बहन है और हम रक्षाबंधन अपने खास तरीके से मनाते हैं। बचपन से हमने राखी बाँधने की पारंपरिक रस्म शायद नहीं निभाई, लेकिन हमें हमेशा पता था कि चाहे कुछ भी हो जाए, हम एक-दूसरे के साथ रहेंगे। बड़ी बहन होने के नाते मैं जानती हूँ कि मैं हमेशा उसकी रक्षा और उसका साथ दूँगी। उसे भी पता है कि उसकी दीदी हमेशा उसके साथ खड़ी रहेगी। मेरी बचपन की सबसे प्यारी यादों में से एक है, जब हम साथ में साइकिल से स्कूल और ट्यूशन जाया करते थे। उसे साइकिल चलाना पसंद नहीं था, इसलिए वह अक्सर अपनी साइकिल को लेकर कोई न कोई बहाना बना देती थी, ताकि वह मेरी साइकिल के पीछे बैठ सके और सारी मेहनत मुझे ही करनी पड़े। वह बहुत शरारती थी, लेकिन आज भी वे यादें मेरे लिए बहुत खास हैं। आज हम दोनों अपने-अपने काम में व्यस्त हैं, लेकिन हमारा रिश्ता आज भी वैसा ही है। हमारे लिए रक्षाबंधन सिर्फ राखी बाँधने का त्यौहार नहीं है। यह एक वादा है कि जब भी उसे मेरी भावनात्मक, आर्थिक या किसी भी तरह की जरूरत होगी, मैं हमेशा उसके साथ रहूँगी। जब भी मौका मिलता है, हम अपनी माँ के साथ मिलकर यह त्यौहार मनाते हैं, अच्छा खाना खाते हैं और एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं।”
नेहा सोलंकी ने कहा, “मेरा एक छोटा भाई है, जो मेरे माता-पिता के साथ उत्तराखंड में रहता है। इस साल मैं रक्षाबंधन मनाने उसके पास घर नहीं जा पाऊँगी। भाई-बहन के रिश्ते को मनाने वाले इस त्यौहार पर घर से दूर रहना थोड़ा अधूरा सा लगता है। लेकिन, मेरा मानना है कि दूरी हमारे प्यार और रिश्ते को कभी नहीं बदल सकती। इस साल भले ही मैं उसे राखी बाँधने के लिए उसके पास नहीं रहूँगी, लेकिन मैं यह जरूर कोशिश करुँगी कि मैं जहाँ भी रहूँ, उसे अपना प्यार महसूस करा सकूँ।
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