लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। बच्चों की विज्ञान में रुचि पैदा करने में शिक्षकों की अहम भूमिका है। शिक्षक बच्चों को विज्ञान विषय रट कर नहीं, बल्कि प्रयोग कर के सीखने की ओर प्रेरित करें। यह बात संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने आंचलिक विज्ञान नगरी में सोमवार को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (एनसीएससी) पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर से शिक्षकों के लिए आयोजित कार्यशाला में कही। इसमें लखनऊ और कानपुर मंडल के चुनिंदा शिक्षकों ने जिला एवं अकादमिक समन्वयक के रूप में प्रतिभाग किया।

आंचलिक विज्ञान नगरी के प्रमुख स्वरूप मंडल ने शिक्षकों से कहा कि वे अपने विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के समाधान का वैज्ञानिक हल खोजने के लिए प्रेरित करें। राज्य समन्वयक दीपक शर्मा ने बताया कि विगत 31 वर्षों से राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, भारत सरकार इस अनूठे कार्यक्रम को आयोजित कर रही है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में 10 से 17 वर्ष की आयु के बच्चे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।

नोडल एजेंसी इंडियन साइंस कम्युनिकेशन सोसाइटी के कार्यकारी सचिव और राज्य प्रधान अन्वेषक डॉ. वीपी सिंह ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यालयों से अधिक से अधिक छात्रों का नामांकन इस आयोजन के लिए कराएं। बीएसआईपी की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा पांडेय ने कहा कि शिक्षकों को चाहिए कि वे अपने विद्यार्थियों का क्षेत्र में भ्रमण कराएं जिससे उन्हें धरातल पर सीखने को मिल सके।
आंचलिक विज्ञान नगरी के वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी रामकुमार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं। केएमसी भाषा विश्वविद्यालय के प्रो. सुमन कुमार मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया। इसके बाद प्रशिक्षण वर्ग में सभी शिक्षकों का समूह बनाकर विशेषज्ञों ने उनका मार्गदर्शन किया। इसमें प्रो. डी. राम, प्रो. ओम प्रकाश, प्रो. अरविंद कुमार सिंह ने अहम भूमिका निभाई। आंचलिक विज्ञान नगरी द्वारा आमंत्रित शिक्षकों के लिए शिक्षक परीक्षण कार्यशाला आयोजित की गई साथ ही आंचलिक विज्ञान नगरी की सुविधाओं से अवगत कराया गया।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष की राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का विषय ‘सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ है। इस इस विषय को लेकर कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षक अपने – अपने जिले के बाल वैज्ञानिकों को जनपद स्तर पर प्रतिभाग करने के लिए तैयार करेंगे। यहां से चुने गए बाल वैज्ञानिक राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जाएंगे। 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस – 2026 के सफल आयोजन हेतु नोडल एजेंसी इंडियन साइंस कम्युनिकेशन सोसायटी (ISCOS) की वेबसाइट https ://Iscoc.org/csc.2026
पर विस्तार से जानकारी दी गई है तथा छात्रों का रजिस्ट्रेशन राष्ट्रीय पोर्टल: https://n-csc.in पर किया जा रहा है।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal