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सिर्फ खेती नहीं, समृद्धि: गोदरेज एग्रोवेट के नए सफर की शुरुआत

– सुनील कटारिया (सीईओ और मेनेजिंग डायरेक्टर, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड)

जैसे-जैसे भारतीय कृषि का विकास हो रहा है, कृषि-व्यवसायों को उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं, जलवायु परिवर्तनशीलता और बाजार के बदलते रुख से आकार लेने वाले भविष्य के लिए तैयार होना होगा। गोदरेज एग्रोवेट के लिए इसका अर्थ है—किसी एक फसल, क्षेत्र या उत्पाद श्रेणी पर निर्भरता से आगे बढ़ना और स्थायी विकास के कई माध्यम तैयार करना।

इसी सोच ने कंपनी की विकास यात्रा को दिशा दी है। हाल ही में गोदरेज एग्रोवेट ने पहली बार ₹10,000 करोड़ के राजस्व का आंकड़ा पार किया। पिछले वर्षों में हमने फसल सुरक्षा, पशु पोषण, डेयरी, खाद्य उत्पाद और ऑयल पाम जैसे क्षेत्रों में एक विविध और मजबूत कारोबार विकसित किया है। अब विकास का अगला चरण ग्राहकों की जरूरतों पर और अधिक केंद्रित होने के साथ-साथ पूरे कृषि तंत्र में अधिक मूल्य सृजित करने पर आधारित है।

इस बदलाव के केंद्र में एक सरल विचार है—हर व्यावसायिक निर्णय की शुरुआत ग्राहक की जरूरतों को समझने से होनी चाहिए। चाहे वह अधिक उत्पादकता चाहने वाला किसान हो, उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे माल की तलाश में खाद्य निर्माता हो या अधिक स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की मांग करने वाला उपभोक्ता, इन बदलती जरूरतों को समझना ही कंपनी के निवेश, नवाचार और बाजार रणनीति को दिशा दे रहा है।

इसके साथ ही कारोबार को अधिक मजबूत और लचीला बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कृषि क्षेत्र में किसी एक फसल या एक क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता, मौसम की अनिश्चितताओं, बाजार में बदलाव और मांग के उतार-चढ़ाव के कारण जोखिम बढ़ा सकती है। इसलिए गोदरेज एग्रोवेट विभिन्न फसल श्रेणियों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है और नए भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार कर रही है, ताकि विकास का संतुलित आधार तैयार किया जा सके।

उदाहरण के लिए: हमारा क्रॉप केयर बिजनेस कपास से आगे बढ़कर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है। पहले, इस व्यवसाय का लगभग 45% हिस्सा कपास के खरपतवार नाशकों पर निर्भर था। आज, हम जोखिम को कम करने के लिए खरपतवार नाशक, फफूंद नाशक और कीटनाशकों में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ मक्का और धान सहित कई फसल क्षेत्रों में अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहे हैं।

विकास का एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र मूल्यवर्धित खाद्य उत्पाद हैं। भारत में प्रोटीन की खपत लगातार बढ़ रही है और उपभोक्ता अब सुविधाजनक तथा उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों की मांग कर रहे हैं। ऐसे में मजबूत उपभोक्ता ब्रांड विकसित करना और डेयरी व प्रोसेस्ड फूड्स में मूल्यवर्धित उत्पादों का विस्तार करना कंपनी की प्रमुख रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

यही मूल्य सृजन की सोच हमारे ऑयल पाम व्यवसाय का भी मार्गदर्शन कर रही है। बड़ी संख्या में ऑयल पाम के बागान अब उत्पादन देने की अवस्था में पहुंच रहे हैं। ऐसे में कंपनी स्पेशलिटी फैट्स के निर्माण जैसी डाउनस्ट्रीम क्षमताओं को मजबूत कर रही है, जिससे खेती से लेकर प्रसंस्करण तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला में अधिक मूल्य सृजित किया जा सके।

प्रौद्योगिकी और कृषि परामर्श सेवाएं भी कंपनी की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। आज की आधुनिक कृषि में केवल गुणवत्तापूर्ण उत्पाद ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि वैज्ञानिक जानकारी, बेहतर कृषि पद्धतियां और किसानों के साथ मजबूत जुड़ाव भी आवश्यक है। नवाचार को जमीनी स्तर पर कृषि परामर्श सेवाओं के साथ जोड़कर हमारा उद्देश्य किसानों की उत्पादकता बढ़ाना और कृषि को अधिक सक्षम एवं टिकाऊ बनाना है।

भारत का कृषि क्षेत्र अपार संभावनाओं से भरा हुआ है, लेकिन निरंतर विकास के लिए कृषि व्यवसायों को लचीला, नवाचार-आधारित और भविष्य के लिए तैयार रहना होगा। गोदरेज एग्रोवेट के लिए इसका मतलब है—लगातार विविधता लाना, ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत करना, पूरी वैल्यू चेन (मूल्य श्रृंखला) में निवेश करना और विकास के ऐसे कई माध्यम बनाना जो किसानों, उपभोक्ताओं और व्यापक कृषि अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक मूल्य का निर्माण कर सकें।

(लेखक सुनील कटारिया गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के सीईओ और मेनेजिंग डायरेक्टर हैं और ये उनके निजी विचार हैं)