नई दिल्ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारतीय रेलवे तेजी से बदल रहा है। अब ट्रेनों की सुरक्षा सिर्फ ट्रैक और सिग्नल तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि डिजिटल सिस्टम और साइबर सुरक्षा भी इसका अहम् हिस्सा बन चुके हैं। इसी जरूरत को देखते हुए, ई2ई रेल की कंपनी नोवा कंट्रोल टेक्नोलॉजिक्स ने रेलवे सुरक्षा से जुड़ी नई तकनीकों पर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश करने की योजना बनाई है।
कंपनी आने वाले वर्षों में रेलवे सिग्नलिंग, ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम और साइबर सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों पर काम करेगी। इसका उद्देश्य ऐसे समाधान तैयार करना है, जो रेलवे नेटवर्क को पहले से ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बना सकें।
ई2ई रेल और नोवा कंट्रोल टेक्नोलॉजिक्स के डायरेक्टर एवं सीईओ सौरजीत मुखर्जी ने कहा कि कवच जैसी तकनीकों ने रेलवे सुरक्षा को नई मजबूती दी है। लेकिन, अब जब रेलवे में डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ रहा है, तो साइबर सुरक्षा को भी उतनी ही गंभीरता से लेने की जरूरत है। उनका मानना है कि आने वाले समय में सुरक्षित रेलवे संचालन के लिए सिग्नलिंग, सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को साथ मिलकर काम करना होगा।

ई2ई रेल के प्रमोटर चेयरमैन विनय राव ने कहा कि भारत के पास रेलवे सुरक्षा तकनीकों में वैश्विक स्तर पर बड़ी पहचान बनाने का अवसर है। इसी दिशा में नोवा 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश कर नई स्वदेशी तकनीकें विकसित करेगी, जो रेलवे सुरक्षा को मजबूत बनाने के साथ भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेंगी।
कंपनी इस निवेश का इस्तेमाल अपनी रिसर्च और डेवलपमेंट क्षमताओं को मजबूत करने में करेगी। साथ ही, रेलवे टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावनाएँ भी तलाश रही है।
नोवा इस समय टाटा एलेक्सी के साथ मिलकर रेलवे सुरक्षा सिस्टम में साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाने पर काम कर रही है। कंपनी को हाल ही में रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम के लिए एक विशेष सम्मान भी मिला है।
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