पटना : पटना स्थित मुख्य सचिवालय सभाकक्ष में शुक्रवार को केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक और बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में निवेश को बढ़ावा देने, व्यापार सुगमता में सुधार और पुराने व अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त करने के उद्देश्य से ‘वि-विनियमन (डीरेगुलेशन) 1.0 एवं 2.0’ की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में विशेष सचिव केके पाठक ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में अनावश्यक अनुपालन बोझ को कम करें और ‘डीरेगुलेशन 2.0’ के तहत चिन्हित सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करें।बैठक के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए स्थिरता पर राष्ट्रीय भवन संहिता (नेशनल बिल्डिंग कोड ऑन सस्टेनेबिलिटी) (एनबीसीएस) 2026 के नए मानकों को राज्य के बिल्डिंग बाई-लॉज में शामिल करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई।राज्य में शहरी नियोजन को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) नियमों को तर्कसंगत बनाने तथा सरकारी संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए संपूर्ण सुविधा प्रबंधन (टोटल फैसिलिटी मैनेजमेंट) (टीएफएम) मॉडल अपनाने के निर्देश दिए गए।बैठक के दौरान केके पाठक ने अधिकारियों से कहा कि विभाग ऐसे सभी नियमों, रिटर्न और रजिस्टरों की सूची तैयार करें जिन्हें समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अनावश्यक नियम निवेश और उद्योग के विकास में बाधा बनता है।उन्होंने निर्देश दिया कि ‘डीरेगुलेशन 2.0’ के अंतर्गत लंबित सभी कार्यों को अगले 15 कार्य दिवसों के भीतर पूरा कर पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।विशेष सचिव ने यह भी कहा कि व्यावसायिक कानूनों के तहत छोटी तकनीकी चूकों के लिए कारावास जैसे कठोर प्रावधानों को हटाकर उन्हें आर्थिक दंड में बदलने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही यदि कोई सुधार एक से अधिक विभागों से जुड़ा हो तो कैबिनेट सचिवालय विभाग समन्वय की भूमिका निभाए, ताकि फाइलों के निपटारे में देरी न हो।उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभागीय नोडल अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार को अपनी प्रगति रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को उपलब्ध कराएं, जिसकी समीक्षा सीधे मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा की जाएगी।केके पाठक ने बिहार सरकार द्वारा अब तक किए गए सुधारात्मक प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया और राज्य को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस मौके पर विभागों को निर्देश दिया कि सभी स्वीकृतियों के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और ‘स्व-प्रमाणीकरण’ व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए, ताकि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़े और मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम हो सके। उन्होंने सभी विभागों को ‘मिशन मोड’ में काम करने का निर्देश दिया।बैठक में वित्त, उद्योग, नगर विकास, भवन निर्माण तथा अन्य संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।———-
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