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ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में डालमिया भारत फाउंडेशन की नई पहल

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ), डालमिया भारत लिमिटेड की सीएसआर संस्था ने अपनी ग्राम परिवर्तन परियोजना के तहत एक समर्पित ग्रामीण महिला कौशल विकास पहल की शुरुआत की है। इस पहल के अंग के तौर पर उत्तर प्रदेश के जवाहरपुर, निगोही, रामगढ़ और हरदोई में 1 अगस्त 2026 से घरेलू सिलाई प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन शुरू हो गया है।

इसके उद्घाटन बैच में 120 से अधिक ग्रामीण महिलाओं का नामांकन हुआ है और इसकी वार्षिक प्रशिक्षण क्षमता 240 महिलाओं की है। यह पहल महिलाओं को कौशल का निर्माण करने, उद्यमिता अपनाने और अपने समुदायों के आर्थिक विकास में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने में सक्षम बनाकर समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के प्रति डालमिया भारत फाउंडेशन की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, डालमिया भारत फाउंडेशन के सीईओ अशोक गुप्ता ने कहा, “ग्रामीण भारत में अपार उद्यमशीलता की क्षमता है, और मजबूत स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को आकार देने में महिलाओं की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। व्यावसायिक प्रशिक्षण को उद्यमिता और वित्तीय साक्षरता के साथ जोड़कर, हमारा उद्देश्य महिलाओं को आय के स्थायी स्रोत बनाने के लिए आत्मविश्वास और क्षमताओं से लैस करना है। हमारा मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से समृद्ध होती हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्तिगत परिवारों से आगे बढ़कर पूरे परिवार, समुदाय और समग्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।”

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के फ्रेमवर्क के मुताबिक है और इसमें व्यावहारिक सिलाई कौशल को उद्यमिता विकास, वित्तीय साक्षरता, ग्राहक संबंध प्रबंधन तथा बुनियादी व्यावसायिक योजना के साथ जोड़ा गया है। व्यावसायिक और व्यवसाय-उन्मुख शिक्षा को एकीकृत करके, यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को स्वरोजगार अपनाने, सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने या वेतनभोगी रोजगार के अवसर प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाता है। 

दीर्घकालिक सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इन प्रशिक्षण केंद्रों को बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराए गए मौजूदा सामुदायिक बुनियादी ढांचे का उपयोग करके स्थापित किया गया है। यह समुदाय-नेतृत्व वाला दृष्टिकोण कुशल और स्केलेबल डिलीवरी मॉडल सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।

इस पहल की शुरुआत डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ) के परियोजना स्थलों—कल्याणपुर, बोकारो और मिदनापुर—में भी की गई है। घरेलू सिलाई (डोमेस्टिक टेलरिंग) के साथ-साथ, आने वाले महीनों में ब्यूटी एंड वेलनेस पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, ताकि आजीविका के अवसरों का विस्तार हो सके और स्थानीय बाजार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए, डीबीएफ अपनी परियोजना स्थलों पर 18 प्रशिक्षण केंद्रों तक कार्यक्रम का विस्तार करने की योजना बना रहा है, जिससे प्रतिवर्ष 1400 से अधिक ग्रामीण महिलाओं के प्रशिक्षण की क्षमता विकसित होगी।