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बंसल इंस्टीट्यूट : सृजन 2026 में बिखेरा जलवा, नाटक से बेटियों ने दिया ये संदेश


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पारंपरिक परिधान पहने स्टूडेंट्स ने जब फैशन शो में अपनी अदाओं का जलवा बिखेरा तो कार्यक्रम स्थल करतल ध्वनि से गूंज उठा। वहीं बेटियों के खिलाफ हो रही एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर आधारित नाटक ने सभी को भावविभोर कर दिया। मौका था सीतापुर रोड स्थित बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित दो दिवसीय फेस्ट सृजन 2026 का। 

संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. वी के. सिंह (पूर्व कुलपति महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर राजस्थान) ने दीप प्रज्वलित कर किया। संस्था के चेयरमैन गिरजा शंकर अग्रवाल ने मुख्य अतिथि प्रो. वी के. सिंह का पुष्प- गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

मुख्य अतिथि ने स्टूडेंट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वास्तविक इंजीनियर वही है जिसकी शिक्षा समाज व देश के लिए हितकर हो। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. सुशील कुमार अग्रवाल ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। कार्यक्रम की बखूबी एंकरिंग मानवी तिवारी, राहुल तिवारी, ओम मिश्रा, यश मिश्रा, नेहा तिवारी और पलक ने की। जबकि मीडिया कोआर्डिनेट प्रतीक मिश्रा ने किया।

दो दिवसीय उत्सव में कॉलेज के छात्र/छात्राओं ने विभिन्न कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया I जिसमें Model Presentation, Technical Quiz, Technical Writing, Paper Presentation जैसे टेक्निकल इवेंट व गायन और नृत्य एवं फैशन शो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। सृजन 2026 के सफल आयोजन के लिए कॉलेज चीफ प्रॉक्टर आर.पी. सिंह ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और छात्रों का उत्साहवर्धन किया।

एसिड अटैक पीड़ित बेटियों पर आधारित भावपूर्ण नाटक का मंचन

बेटियों के खिलाफ हो रही एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर आधारित एक भावपूर्ण नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि दर्द इंसान को कमजोर नहीं करता, बल्कि उसे मजबूत बनाता है। नाटक की नायिका अपने जख्मों को अपनी ताकत में बदलते हुए आगे बढ़ती है और अंततः एक पुनर्वास केंद्र की स्थापना कर पीड़ित लड़कियों को नई जिंदगी देने का संकल्प लेती है।

नाटक में यह प्रभावशाली संदेश भी उभरकर सामने आया कि जो स्वयं अंधेरों से गुजरा हो, वही दूसरों के लिए चिराग बन सकता है और जो दर्द से गुजरा हो, वही दूसरों के घावों पर मरहम रख सकता है। छात्रों की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का मजबूत संदेश दिया।

कॉलेज प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होते हैं। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान तेज करने की बात भी कही गई।