नोएडा (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। ग्रीनको समूह के संस्थापकों द्वारा समर्थित प्रमुख ऊर्जा संक्रमण प्लेटफॉर्म, एएम समूह ने अपनी विशाल एआई परियोजना की निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि एएम समूह ने 20 जनवरी 2026 को स्विट्जरलैंड के दावोस में उत्तर प्रदेश सरकार की संस्था इन्वेस्ट यूपी के साथ एक (1) गीगावाट के उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूट हब बनाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया था।
एएम समूह से जुड़ी एएम एआई लैब्स को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश में कुल एक (1) गीगावाट एआई और उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूटिंग डेटा सेंटर के पहले दो चरण (जिनमें क्रमशः 150 मेगा वाट और 200 मेगा वाट शामिल हैं) के निर्माण के लिए ज़मीन देने के संबंध में आशय पत्र जारी किया।
इस परियोजना की मुख्य बातें
• स्तर और गति: 2028 तक 350 मेगावाट कंप्यूट क्षमता ऑनलाइन आ जाएगी और 2030 तक पूरी एक गीगावाट ऑनलाइन हो जाएगी, जिसका मतलब है 25 अरब डॉलर का निवेश होगा और ~500,000 उच्च प्रदर्शन वाले चिप्स तैनात होंगे।
• पूरी तरह से वर्टिकली इंटीग्रेटेड: पूरी तरह से तैयार होने पर यह दुनिया का पहला और सबसे बड़ा पूरी तरह से वर्टिकली इंटीग्रेटेड एआई प्लेटफॉर्म होगा, जिसमें निजी कार्बन मुक्त बिजली, डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा, उच्च प्रदर्शन वाले चिप्स, पूरा सॉफ्टवेयर स्टैक, एप्लिकेशन और एआई पॉड्स सेवा से लेकर टोकन सेवा तक के लचीले उपभोग (कंज़म्पशन) मॉडल शामिल होंगे।
• बेजोड़ ऊर्जा व्यवस्था: वैश्विक स्तर के मुकाबले काफी कम दर पर दृढ़ और मांग के अनुरूप कार्बन मुक्त ऊर्जा उपलब्ध है, जो नवीकरणीय ऊर्जा और आंतरिक इंटेलिजेंट क्लाउड एनर्जी आर्किटेक्चर के ज़रिए प्रबंधित स्ट्रेटेजिक पंप्ड स्टोरेज एसेट की मदद से संभव होगा।
• फोटॉन से टोकन तक अनुकूलित (ऑप्टिमाइज़्ड): ऊर्जा उत्पादन से लेकर डेटा सेंटर के डिज़ाइन, लिक्विड कूलिंग, इंटरकनेक्ट टोपोलॉजी, एक्सेलरेटर सेलेक्शन और सॉफ्टवेयर तक हर स्तर को एक साथ तैयार किया गया है, जिससे इलेक्ट्रॉन से टोकन तक की व्यवस्था बेहद प्रतिस्पर्धी हो जाती है।
• वैश्विक और घरेलू एप्लीकेशन: भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा एआई टोकन उपभोक्ता बाज़ार है। एआई एम्बेडेड एडवांस्ड एप्लीकेशन और फ्रंटियर मॉडल के लिए एएम एआई के घरेलू तौर पर जेनरेट किए गए टोकन ट्रेनिंग, इन्फरेंस और अन्य उन्नत किस्म के उपयोग के लिहाज़ से घरेलू और वैश्विक बाज़ार के काम आएंगे।
यह परियोजना भारत सरकार के विकसित भारत 2047 दृष्टिकोण के अनुरूप है और यह देश में अब तक के सबसे बड़े निवेश में से एक होगी। उम्मीद है कि इस परियोजना से विशाल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आएगा और यहां हज़ारों उच्च कौशल वाले रोज़गार पैदा होंगे, जिससे उत्तर प्रदेश एआई बुनियादी ढांचे के लिहाज़ से भारत का प्रमुख गंतव्य बन जाएगा।
एएमजी एआई लैब्स: फुल स्टैक एआई प्लेटफॉर्म
एएमजी एआई लैब्स ने प्रशिक्षण से लेकर उत्पादन इन्फरेंस तक एआई विकास के पूरे चक्र का समर्थन करने वाला व्यापक प्लेटफॉर्म बनाया है। एंड-टू-एंड सॉफ्टवेयर स्टैक में प्रोविजनिंग, ऑर्केस्ट्रेशन, वर्चुअलाइजेशन, इन्फरेंस और ट्रेनिंग फ्रेमवर्क, सिक्योरिटी, नेटवर्किंग, कंप्लायंस और स्टोरेज शामिल हैं। इंटेलिजेंट वर्कलोड शेड्यूलिंग हर काम को लागत, प्रदर्शन और विलंब (लेटेंसी) के लिए सबसे उपयुक्त एक्सेलरेटर तक पहुंचाता है, जिससे अलग-अलग फ्लीट में संसाधनों का इस्तेमाल अधिकतम स्तर पर ले जाया जा सकता है।
प्लेटफॉर्म का आर्किटेक्चर एग्नॉस्टिक डिज़ाइन जीपीयू और अन्य एक्सेलरेटर का समर्थन करता है। नेतृत्व टीम के पास एपल, एएमडी, एनवीडिया, सिस्को और इंटेल से प्राप्त जीपीयू और एआई स्टैक का कुल मिलाकर 300 साल से अधिक का अनुभव है।
अनिल चलमलासेट्टी (समूह अध्यक्ष, एएम समूह)ने कहा, “यह बहुत बड़ी परियोजना है और यही बात हमें उत्साहित करती है। एएम समूह ने पहले भी ऐसा किया है। ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया के क्षेत्र में हमने दुनिया में सबसे किफायती मॉलेक्यूल प्रदान करने का लक्ष्य रखा था और हम ऐसा कर रहे हैं। हम एआई में भी इसी विश्वास को ला रहे हैं। हम दुनिया में सबसे किफायती, सबसे अधिक प्रभावी एआई टोकन प्रदान करना चाहते हैं, जो हमारे स्वामित्व वाली और हमारे द्वारा परिचालित स्वच्छ ऊर्जा से चलेंगे। बिजली उत्पादन से लेकर सिलिकॉन तक टोकन आपूर्ति की पूरी मूल्य श्रृंखला को जोड़कर, हम सभी परतों को इस तरह अनुकूल (ऑप्टिमाइज़) बना सकते हैं जैसा सिर्फ किसी एक क्षेत्र से जुड़े संगठन नहीं कर सकते। उत्तर प्रदेश और भारत विश्व स्तरीय एआई बुनियादी ढांचे के हकदार हैं, और राज्य सरकार के समर्थन से, हम इसका निर्माण कर रहे हैं।”
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