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ग्रामीण आजीविका एवं डिजिटल सशक्तिकरण को किया मजबूत

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डालमिया भारत लिमिटेड की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) शाखा, डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ) ने उत्तर प्रदेश के निगोही और हरदोई में प्रभावशाली सामुदायिक पहलों के साथ स्थायी आजीविका और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए गणतंत्र दिवस मनाया।

निगोही स्थित डालमिया भारत शुगर प्लांट परिसर में, डीबीएफ टीम ने अपने प्रमुख ‘ग्राम परिवर्तन कार्यक्रम’ के तहत नौ सूक्ष्म उद्यमों का उद्घाटन किया। जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के बीच आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। इन नए सूक्ष्म उद्यमों में 7 ई रिक्शा, एक कास्मेटिक की दुकान और एक किराना दुकान शामिल है। 

इस कार्यक्रम में प्लांट हेड कुलदीप कुमार, एचआर हेड आदित्य मोहन गुप्ता और केन हेड आशीष बंसल के साथ-साथ डीबीएफ निगोही टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।

आजीविका से जुड़ी इन पहलों से लाभार्थियों को सालाना ₹1,00,000 से ₹1,50,000 तक कमाने में मदद मिलने की उम्मीद है। जिससे उनकी आय में स्थिरता, बेहतर वित्तीय सुरक्षा और दीर्घकालिक आजीविका सुनिश्चित होगी।

इसके साथ ही, डीबीएफ ने हरदोई जिले के गंगापुर गांव में ‘वाओ बस’ कार्यक्रम के माध्यम से डिजिटल समावेशन पर अपना ध्यान केंद्रित रखना जारी रखा। गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर, प्रमिला देवी शिशु शिक्षण संस्थान में 45 छात्रों को डिजिटल साक्षरता प्रमाणपत्रों से सम्मानित किया गया।

16 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई इस पहल के तहत अब तक 135 बच्चों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि 75 बच्चे वर्तमान में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह कार्यक्रम 14 वर्ष से अधिक आयु के ग्रामीण युवाओं को आवश्यक डिजिटल कौशल से लैस कर रहा है। इस कार्यक्रम में डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, गंगापुर के यूनिट हेड अतुल अग्रवाल, एचआर हेड विजय शंकर उपाध्याय, गंगापुर के प्रधान रामगोपाल द्विवेदी और प्रधानाध्यापक मनोज कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, डालमिया भारत फाउंडेशन के सीईओ अशोक गुप्ता ने कहा, “डालमिया भारत में हमारा ध्यान समुदायों के लिए टिकाऊ और समावेशी विकास के रास्ते बनाने पर केंद्रित है। ‘वाओ बस’ डिजिटल साक्षरता पहल और ‘ग्राम परिवर्तन कार्यक्रम’ जैसी योजनाओं के माध्यम से, हमारा लक्ष्य आजीविका को मजबूत करना, वित्तीय सुरक्षा को बढ़ावा देना और ग्रामीण युवाओं को तेजी से बदलती दुनिया के लिए आवश्यक कौशल से लैस करना है। हम समुदायों को आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बनाने हेतु उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

 आजीविका सृजन और डिजिटल शिक्षा से जुड़ी अपनी पहलों के माध्यम से, डालमिया भारत फाउंडेशन स्थायी आय के अवसर पैदा कर और ग्रामीण युवाओं को भविष्य के लिए आवश्यक कौशलों से लैस कर समुदायों को सशक्त बनाना जारी रखे हुए है। इस प्रकार, फाउंडेशन अपने सेवा क्षेत्रों में समावेशी और सुदृढ़ विकास में सार्थक योगदान दे रहा है।