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समृद्ध नारी से ही समृद्ध राष्ट्र बनेगाः शिवराज चौहान

नई दिल्ली : केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को देशभर से आईं ‘लखपति दीदियों’ को संबोधित करते हुए कहा कि समृद्ध नारी ही समृद्ध राष्ट्र की निर्माता बनेगी। अब वे सामाजिक, आर्थित, राजनैतिक क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं जो नई क्रांति है।शिवराज सिंह ने यह बात आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित ‘लखपति दीदियों से संवाद’ कार्यक्रम में कही, जो 26 जनवरी (सोमवार) में शामिल होने के लिए यहां एकत्र हुई हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का संकल्प महिलाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में शामिल करना है।मंत्री ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा, “अब हम केवल घर में नहीं रहेंगे, बल्कि चुनाव भी लड़ेंगे और सरकार भी चलाएंगे।” उन्होंने उदाहरण दिया कि कई राज्यों में 50 प्रतिशत आरक्षण के बावजूद बहनें अपनी योग्यता से 58 प्रतिशत तक पदों पर बैठी हैं।मंत्री ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 2 करोड़ 90 लाख का आंकड़ा पार कर लिया गया है और जल्द ही 3 करोड़ के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के शब्द हमारे लिए मंत्र हैं। अब समय आ गया है कि देश की कोई भी बहन गरीब न रहे। जो बहनें अभी भी स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से बाहर हैं, उन्हें जोड़ना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है।”महिलाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए मंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। अब एसएचजी समूहों के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से भी दीदियों को अपना उद्योग शुरू करने के लिए बड़ा लोन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने उद्योगपतियों की तुलना में दीदियों की तारीफ करते हुए कहा कि महिलाओं का एनपीए देश में सबसे कम है, जो उनकी ईमानदारी और जिम्मेदारी का प्रमाण है। बैंकों में होने वाली देरी को दूर करने के लिए मंत्रालय 20 तारीख को हैदराबाद में बैंकों के साथ एक विशेष बैठक करेगा।मंत्री ने कहा कि दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को सही बाजार दिलाने के लिए सरकार अब ‘सरस मेलों’ का विस्तार दिल्ली से निकालकर देश के हर कोने और हर जिले तक करेगी। साथ ही, जिला स्तर पर ‘सी-मार्ट’ जैसे प्लेटफॉर्म बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण उत्पादों की पहुंच शहरी बाजारों तक सुलभ हो सके। आजीविका मिशन अब केवल आर्थिक माध्यम नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन गया है। एसएचजी दीदियां अब सामाजिक परिवर्तन की वाहक बनेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि उनके क्षेत्र में उज्ज्वला गैस, जल जीवन मिशन, पीएम आवास और सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ हर पात्र महिला को मिले।उन्होंने बताया कि दीदियों को कौशल प्रदान करने के लिए 170 नए प्रशिक्षण केंद्रों की शुरुआत की गई है। इसके लिए सरकार प्रति केंद्र लगभग 8.50 लाख रुपये की राशि भवन और उपकरणों के लिए मुहैया करा रही है। अब कृषि सखी, बैंक सखी, पशु सखी तथा ‘ड्रोन दीदी’ के माध्यम से महिलाएं खेती और तकनीक के क्षेत्र में चमत्कार कर रही हैं।मंत्री ने कहा कि जरा से सहयोग मिलने पर बेटियां असंभव को संभव कर देती हैं। पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पहले बहनों की परवाह नहीं की गई, लेकिन आज मोदी सरकार में वे अपने पैरों पर खड़ी हैं।