लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारत की प्रसिद्ध कहानियों में से एक उमराव जान की कहानी को एक नए अंदाज में पेश किया जा रहा है। फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी के तत्वावधान में इसका मंचन 18 जून को ऑरनेट होटल में होना है। नाटक के निर्देशक यूसुफ खान और वामिक खान ने बताया कि उमराव जान ड्रामा सुनकर आपकी जहन में आया होगा कि ड्रामा हादी रुसवा की नॉवेल उमराव जान अदा से लिया गया होगा और वही स्टोरी होगी। इस ड्रामा का नाम उमराव जान इसलिए रखा गया है कि लोगों को अवध की संस्कृति के करीब आने और समझने में आसानी होगी। क्योंकि अवध से जुड़ी किसी तवायफ का नाम मशहूर है तो वह सिर्फ उमराव जान थीं।
ड्रामा की स्टोरी अलग है जो लेखक एसएन लाल की कहानी गुलनार का कोठा से ली गई है। हादी रुसवा की नावेल के किरदारों को गुलनार का कोठा की कहानी में पिरोया गया यानी किरदार हादी रुसवा के हैं और मुख्य स्टोरी व संवाद एसएन लाल के हैं। इस नाटक का मंचन इसलिये भी अहम होगा क्योंकि मुजफ्फर अली की फ़िल्म उमराव जान को दोबारा 28 जून को री रिलीज हो रही है जो पुरानी यादों को ताज़ा कर देगी।
नाटक के मंचन से पहले 18 जून को वृन्दावन कालोनी स्थित होटल ओरनेट में समाज की विभिन्न विभूतियों जैसे, लेखक, समाज सेवक, डॉक्टर, पत्रकार, उद्यमी आदि को सम्मानित भी किया जाएगा। इस दौरान नाटक के पोस्टर को जारी करते हुए मुख्य किरदार निभा रही प्रभाती पांडे के साथ डीप सचार, तनिष्का शर्मा ने भी इस नाटक से जुड़े अपने अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर अरुणा पांडे, सुफियान, एडमिन मसीह, आरिफ खान, शान फरीदी, उबेद अहमद, युसूफ खान, अर्पित मिश्रा, अनिमेष श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित रहे।
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