Friday , July 19 2024

ALL INDIA BANK OF BARODA OFFICER’S ASSOCIATION ने फूंका आंदोलन का बिगुल, दी ये चेतावनी

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। बैंक ऑफ बड़ौदा में गुरुवार को बैंक की सर्वाधिक सदस्य संख्या वाले अधिकारी एसोशिएशन आल इंडिया बैंक ऑफ बड़ौदा ऑफिसर्स एसोशिएशन द्वारा राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत की है। एसोशिएशन के बैनर तले अधिकारियों ने दो दिवसीय आंदोलन के पहले दिन गुरुवार शाम गोमती नगर स्थित अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

एसोशिएशन द्वारा शुरू किए गए इन विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला में अपनी मांगों को लेकर शाखाओं, क्षेत्रीय कार्यालयों एवं अंचल कार्यालयों के समक्ष कार्यावधि के बाद प्रदर्शन, कार्यावधि के दौरान काली पट्टियाँ लगाकर कार्य करना शामिल है।



एसोशिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि बैंक के इतिहास में दुर्भाग्यपूर्ण कदम उठाते हुये प्रबंधन द्वारा बैंक की स्थानांतरण नियमावली का अतार्किक एवं अव्यवहारिक उल्लंघन करते हुये अधिकारियों का दूरस्थ अंचलों में स्थानांतरण कर दिया है। बैंक का अधिकारी वर्ग गंभीर रूप से स्टाफ की कमी का सामना कर रहा है। जिससे अधिकारियों को न सिर्फ कार्यावधि के बाद भी निरंतर देर तक कार्य करना पड़ता है बल्कि उनका शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन तथा छुट्टियाँ भी प्रभावित होती हैं। बैंक में अधिकारी वर्ग कार्य के बोझ से दबा हुआ है।


एसोशिएशन के जोनल अध्यक्ष गौरव चतुर्वेदी व जोनल सचिव संदीप कुमार सिंह ने कहा कि अव्यवहारिक एवं अवास्तविक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। जिससे बैंक का कार्य वातावरण दुरूह होता जा रहा है। विभिन्न बैठकों के कार्यवृत्त में सहमति के बाद भी दशकों से विभिन्न परिलब्धियों में वृद्धि नही की गई है।
एसोशिएशन ने पाया है कि बैंक प्रबंधन ने बैंक अधिकारियों की समस्याओं पर ध्यान देना बंद कर दिया है। उनके साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार कर रहा है एवं उनके अधिकारों को अनदेखा कर रहा है। आल इंडिया बैंक ऑफ बड़ौदा ऑफिसर्स एसोशिएशन अपने दर्शन एवं सूत्रवाक्य – Grow with The Bank के साथ चलता रहा है, परंतु बैंक प्रबंधन के कदम एसोशिएशन को औद्योगिक सम्बन्धों संबंधी विवादों की ओर जाने को विवश कर रहे हैं।
एसोशिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी न्यायोचित मांगे नही मानी गईं तो वह इस आंदोलन को और गहन व विस्तृत करते हुये हड़ताल के लिए बाध्य होंगे।