लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आंचलिक विज्ञान नगरी द्वारा 3 नवंबर को नगर स्तरीय विज्ञान नाटक प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विज्ञान संचारकों को विज्ञान संचार और सामाजिक जागरूकता के प्रभावी माध्यम के रूप में नाटक एवं रंगमंच का रचनात्मक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस वर्ष प्रतियोगिता का मुख्य विषय “विज्ञान एवं समाज” (Science & Society) है। इसके अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों की प्रतिभागी टीमें समसामयिक वैज्ञानिक एवं सामाजिक मुद्दों पर आधारित विचारोत्तेजक नाटकों का मंचन करेंगी। प्रतियोगिता के उपविषयों में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता : मित्र, साधन या खतरा?”, “इलेक्ट्रिक वाहन (EV): भविष्य की राह”, “अंतरतारकीय आवास” तथा “महासागरों का पुनरुद्धार–पीढ़ियों का संरक्षण” शामिल हैं। इन नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थी वैज्ञानिक ज्ञान, तकनीकी प्रगति और पर्यावरणीय जागरूकता की भूमिका को रेखांकित करेंगे तथा यह प्रदर्शित करेंगे कि विज्ञान किस प्रकार सामाजिक चुनौतियों के समाधान और सतत भविष्य के निर्माण में सहायक हो सकता है।
इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी (पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक, CSIR-CDRI तथा प्रख्यात रंगमंच एवं बॉलीवुड कलाकार) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। प्रतियोगिता की नाट्य प्रस्तुतियों का मूल्यांकन प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा किया जाएगा। जिसमें चित्रा मोहन (पूर्व सहायक प्रोफेसर, भारतेन्दु नाट्य अकादमी, लखनऊ), डॉ. निमिष कपूर (वैज्ञानिक प्रभारी, विज्ञान संचार एवं जन सहभागिता प्रभाग, बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान) तथा देवाशीष मिश्रा (एसोसिएट प्रोफेसर, जहांगीराबाद मीडिया इंस्टीट्यूट, बाराबंकी) शामिल हैं।
नगर स्तरीय विज्ञान नाटक प्रतियोगिता का आयोजन प्रतिवर्ष राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद द्वारा देशभर में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान नाटक महोत्सव के अंतर्गत किया जाता है। यह महोत्सव विद्यार्थियों को नाट्य कला के माध्यम से वैज्ञानिक अवधारणाओं को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक चिंतन तथा सामाजिक संदेशों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित होती है। प्रतियोगिता की प्रक्रिया नगर स्तरीय एवं आंचलिक स्तर की प्रतियोगिताओं से होते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती है।
प्रतियोगिता में विजेता विद्यालयों की टीमों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, उन्हें राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित उत्तरी भारत विज्ञान नाटक प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा, जो महोत्सव की निर्धारित चयन प्रक्रिया के अधीन होगा। इस पहल के माध्यम से आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा विज्ञान, समाज और रंगमंच के बीच संबंधों को सुदृढ़ करना है। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को समसामयिक वैज्ञानिक मुद्दों को समझने, अपने विचारों को रचनात्मक ढंग से अभिव्यक्त करने तथा जागरूक, जिम्मेदार और वैज्ञानिक सोच से परिपूर्ण नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेगी।
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