लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश में वित्तीय समावेशन को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से आच्छादित करने के उद्देश्य से दिनांक 21 अक्टूबर, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश की ग्राम पंचायतों एवं शहरी स्थानीय निकायों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
अभियान का प्रमुख उद्देश्य पात्र एवं वंचित व्यक्तियों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना तथा उन्हें केंद्र सरकार की प्रमुख वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान बैंकों द्वारा प्रमुख गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।
1. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नामांकन: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) एवं अटल पेंशन योजना (APY) के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों का नामांकन।
2. आधार सीडिंग: PMJJBY एवं PMSBY के अंतर्गत नामांकित लाभार्थियों के बैंक खातों में, जहाँ आवश्यक हो, आधार सीडिंग सुनिश्चित करना।
3. प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY): पात्र व्यक्तियों के नए जन-धन खाते खोलना।
4. री-केवाईसी (Re-KYC): मौजूदा PMJDY खातों एवं अन्य बचत खातों की लंबित री-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करना।

5. सी-केवाईसी आईडी (C-KYC ID): जहाँ लंबित हो, खाताधारकों की सी-केवाईसी आईडी जनरेट करना।
6. नामांकन एवं अन्य बैंकिंग सुविधाएँ: बचत खातों तथा लॉकर जैसी अन्य बैंकिंग सुविधाओं में लंबित नॉमिनी विवरण अद्यतन करना।
7. जागरूकता कार्यक्रम: वित्तीय समावेशन योजनाओं, डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव तथा लावारिस वित्तीय परिसंपत्तियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान के संबंध में जागरूकता सत्र आयोजित करना।
8. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): पात्र पीएम-किसान लाभार्थियों को संतृप्त करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड हेतु आवेदन प्राप्त करना तथा उनकी ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करना।
9. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): आगामी रबी मौसम के लिए पात्र किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत नामांकन सुनिश्चित करना, जिससे KCC खाताधारकों की संतृप्ति के उद्देश्य को भी समर्थन मिल सके।
उक्त अभियान के अंतर्गत प्रदेश की 58,000 से अधिक ग्राम पंचायतों एवं शहरी स्थानीय निकायों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अग्रणी जिला प्रबंधकों को नियमित समीक्षा करने तथा बैंकों एवं जिला प्रशासन के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएलबीसी, उत्तर प्रदेश द्वारा सभी सदस्य बैंकों एवं संबंधित हितधारकों से अपील की गई है कि वे सक्रिय सहभागिता एवं समन्वित प्रयासों के माध्यम से अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों को वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ते हुए प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं की पहुँच एवं वित्तीय जागरूकता को और सुदृढ़ बनाएं।
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