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PM के ‘मन की बात’ से खादी को मिली नई पहचान, कारोबार 1.87 लाख करोड़ के पार

नई दिल्ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बढ़ती बिक्री का उल्लेख करते हुए आगामी त्योहारों में स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। प्रधानमंत्री के इस प्रोत्साहन पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने देशभर के लाखों कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निरंतर प्रोत्साहन से खादी को नई पहचान मिली है और स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है।

मनोज गोयल ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग की उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे खादी परिवार के लिए गौरव का विषय है। प्रधानमंत्री ने तीन अक्टूबर 2014 को कार्यक्रम की पहली कड़ी में गांधी जयंती के अवसर पर देशवासियों से खादी का कम से कम एक उत्पाद खरीदने की अपील की थी। इसके बाद से वह लगातार खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संदेश देते रहे हैं। इससे खादी पारंपरिक पहचान से आगे बढ़कर रोजगार सृजन, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है।

गांधी जयंती पर बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड

केवीआईसी अध्यक्ष ने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील का खादी की बिक्री पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। वर्ष 2014 में अपील के बाद खादी के प्रमुख बिक्री केंद्रों पर बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। प्रधानमंत्री की अपीलों के क्रम में कनॉट प्लेस स्थित खादी भवन में दो अक्टूबर 2022 को लगभग 1.34 करोड़ रुपये और दो अक्टूबर 2023 को 1.52 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई। वहीं, इस वर्ष गांधी जयंती पर एक ही दिन में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक रही। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में इस उपलब्धि का उल्लेख करते हुए त्योहारों पर स्थानीय उत्पाद खरीदने का आह्वान किया।

2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार

मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और प्रोत्साहन से खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया, जबकि इसके माध्यम से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि गुणवत्ता में सुधार, नवाचार और नई पीढ़ी को खादी से जोड़ने के प्रयासों से यह क्षेत्र जल्द ही 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, स्वदेशी भावना और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। केवीआईसी और देशभर के खादी कारीगर ‘वोकल फॉर लोकल’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।