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डॉ. सौरभ मालवीय की ‘श्रेष्ठ भारत’ में आत्मबोध से राष्ट्रबोध का संदेश

वाराणसी (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूटीसीई) एवं अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, विद्या भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भारतीय ज्ञान परम्परा कार्यक्रम में डॉ. सौरभ मालवीय द्वारा लिखित पुस्तक ‘श्रेष्ठ भारत : आत्मबोध से राष्ट्रबोध’ का लोकार्पण किया गया। पुस्तक में भारतीय संस्कृति, पर्यावरण, भारतीय महापुरुषों के जीवन-दर्शन तथा समसामयिक विषयों पर आधारित लेखों का संकलन है।

पुस्तक के माध्यम से लेखक ने भारतीय ज्ञान परम्परा, सांस्कृतिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रबोध के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया है। पुस्तक का मूल भाव आत्मबोध के माध्यम से राष्ट्रबोध की भावना को सशक्त करना तथा भारतीय जीवन-दृष्टि के प्रति समाज में जागरूकता उत्पन्न करना है।

लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी, विद्या भारती के अध्यक्ष प्रो. रविंद्र कान्हेरे, विद्या भारती के उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर, अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह तथा विद्या भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गोविंद चरण महंत सहित अनेक शिक्षाविद्, विद्वान एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।