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शोभिनव सत्या ने बढ़ाया मान, कायस्थ परिवार ने परिजनों का किया सम्मान

लखनऊ (शम्भू शरण वर्मा/टेलीस्कोप टुडे)। बहुचर्चित फिल्म हनुमान अंश में बाबा नीम करौली महाराज की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अभिनव श्रीवास्तव उर्फ शोभिनव सत्या के परिजनों को कायस्थ परिवार की ओर से सम्मानित किया गया। रविवार को आईआईएम रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर में आयोजित स्वागत एवं सम्मान समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ चित्रगुप्त आरती एवं स्तुति से हुआ।

समारोह में महर्षि विद्या मंदिर के प्रबंधक अनूप श्रीवास्तव और कार्यक्रम संयोजक शेखर कुमार ने शोभिनव सत्या की नानी कुसुम श्रीवास्तव, पिता सत्येंद्र श्रीवास्तव, मां लक्ष्मी श्रीवास्तव, बहन उन्नति श्रीवास्तव सहित मामा-मामी, मौसा-मौसी एवं अन्य परिजनों को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम संयोजक शेखर कुमार ने कहा कि यह पहला ऐसा आयोजन है, जिसमें बाबा नीम करौली महाराज की भूमिका निभाने वाले शोभिनव सत्या के परिवार की तीन पीढ़ियों की उपस्थिति रही। शेखर कुमार ने घोषणा की कि जनवरी 2027 में अभिनव श्रीवास्तव उर्फ शोभिनव सत्या की विशेष उपस्थिति में एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उपस्थित कायस्थ परिवार एवं अतिथियों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई।

कायस्थ समाज ने परिजनों का सम्मान कर बढ़ाया गौरव’ : शोभिनव

कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़े शोभिनव सत्या ने कायस्थ परिवार की ओर से उनके परिजनों को सम्मानित किए जाने पर आयोजकों और समाज के लोगों का आभार जताया। शोभिनव सत्या ने कहा कि उनके परिवार को बुलाकर सम्मानित करना उनके लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान उनके लिए विशेष मायने रखता है।

उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने हर कदम पर उनका साथ दिया। इसी सामूहिक सहयोग और विश्वास की वजह से वह अपने सपनों को आगे बढ़ा सके। कायस्थ समाज की ओर से आयोजित सम्मान समारोह को उन्होंने परिवार के लिए यादगार बताते हुए सभी का धन्यवाद किया।

‘बचपन से ही पता था, शोभिनव कुछ अलग करेगा’ : कुसुम श्रीवास्तव

शोभिनव सत्या की नानी कुसुम श्रीवास्तव ने कहा कि शोभिनव बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने बताया कि डीएवी कॉलेज के एक अंग्रेजी लेक्चरर ने भी बचपन में उन्हें देखकर कहा था कि यह बच्चा बड़ा होकर कुछ अलग करेगा। स्कूल के दिनों में शोभिनव पढ़ाई के साथ नाटक और अन्य गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। कुसुम श्रीवास्तव ने बताया कि एक समय परिवार को उनके भविष्य को लेकर चिंता रहती थी, लेकिन उनके नाना हमेशा भरोसा दिलाते थे कि वह जरूर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि शोभिनव उन्हें प्यार से ‘बड़ी मां’ कहते हैं। आज उसकी उपलब्धियों को देखकर पूरा परिवार गर्व महसूस करता है। “मेरे नाती ने अपनी मेहनत से परिवार का नाम रोशन किया है और मेरी भी पहचान को नई ऊंचाई दी है।”

मेरे बेटे ने मेरा नाम रोशन कर दिया : लक्ष्मी श्रीवास्तव

शोभिनव सत्या की मां लक्ष्मी श्रीवास्तव ने सम्मान समारोह में भावुक होते हुए कहा कि माता-पिता के लिए इससे बड़ा गर्व कुछ नहीं हो सकता कि उनकी पहचान उनके बेटे के नाम से हो। उन्होंने कहा कि आज उनके बेटे ने उनका नाम रोशन कर दिया है। लक्ष्मी श्रीवास्तव ने बताया कि शोभिनव बचपन से ही बेहद सच्चे, संवेदनशील और दूसरों की मदद करने वाले रहे हैं। उन्होंने स्कूल के दिनों की घटना साझा करते हुए बताया कि एक बार असेंबली में देर हो रही थी, लेकिन शोभिनव पहले एक बुजुर्ग को सड़क पार कराने में जुट गए। देर से स्कूल पहुंचने पर जब प्रबंधन को वजह पता चली तो उसकी सराहना की गई। उन्होंने कहा कि शोभिनव की यही सहजता और अच्छे संस्कार आज भी उनके व्यक्तित्व में दिखाई देते हैं। “और क्या कहूं, मेरा बेटा बहुत अच्छा है। मुझे उस पर गर्व है।”

नाम बड़ा हुआ है, भाई आज भी वैसा ही हैं : उन्नति

शोभिनव सत्या की बहन उन्नति श्रीवास्तव ने अपने बड़े भाई के व्यक्तित्व के कई अनदेखे पहलुओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि शोभिनव भले ही आज चर्चित अभिनेता बन गए हों, लेकिन परिवार के लिए वह अब भी बिल्कुल पहले जैसे ही हैं। उनकी मुस्कान, सहजता और मिलनसार स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्नति के मुताबिक, परिवार का कोई भी समारोह शोभिनव के बिना अधूरा सा लगता है। वह जहां पहुंचते हैं, वहां माहौल अपने आप खुशनुमा हो जाता है।

उन्नति ने बताया कि दोनों भाई-बहन के स्वभाव में काफी अंतर है। वह जल्दी गुस्सा हो जाती हैं, जबकि शोभिनव बेहद शांत रहते हैं और विवाद की स्थिति में भी सबको समझाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि पर्दे पर बाबा नीम करौली महाराज के किरदार में नजर आई शांति और सरलता शोभिनव के वास्तविक व्यक्तित्व का भी हिस्सा है। यही वजह है कि उनका अभिनय लोगों को इतना स्वाभाविक और प्रभावशाली लगा।

इस अवसर पर उमेश कुमार श्रीवास्तव, वीरेंद्र सक्सेना, आलोक श्रीवास्तव, मुनेन्द्र प्रसाद, सुनीता श्रीवास्तव, शम्भू शरण वर्मा, रितु, एडवोकेट कीर्ति श्रीवास्तव, शैलेन्द्र कुमार, राजेश श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव और राकेश रंजन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शेखर कुमार ने किया।