लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एमयूआईटी), लखनऊ परिसर में महर्षि स्कूल ऑफ़ ह्यूमैनिटीज द्वारा आईक्यूएसी के सहयोग से हिंदी दिवस समारोह का आयोजन हाइब्रिड मोड (ऑफलाइन एवं ऑनलाइन) में किया गया। इस वर्ष के आयोजन का मुख्य विषय “काव्य सृजन: परंपरा से आधुनिकता की ओर” रखा गया, जिसके अंतर्गत ‘काव्य पाठ प्रतियोगिता’ का आयोजन हुआ। प्रतिभागियों ने पारंपरिक स्वरचित कविता तथा आधुनिक अभिव्यक्ति की श्रेणियों में अपनी काव्य-प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गुरु पूजन के साथ हुआ। जिसके पश्चात अधिष्ठाता डॉ. सरिता वर्मा ने उपस्थित अतिथियों, निर्णायकों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करते हुए हिंदी भाषा एवं भारतीय संस्कृति के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। अधिष्ठाता (शैक्षणिक) डॉ. नीरज जैन ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में विद्यार्थियों को मातृभाषा के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति हेतु प्रोत्साहित किया।
कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु प्रताप सिंह ने हिंदी भाषा के ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ वर्तमान डिजिटल युग में उसकी बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को परंपरा और आधुनिकता के समन्वय से नवीन काव्य-सृजन हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के मार्गदर्शक सत्र में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में हिंदी भाषा को राष्ट्रीय अस्मिता एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताते हुए विद्यार्थियों को जीवन में हिंदी के व्यापक प्रयोग हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम की मुख्य कड़ी काव्य पाठ प्रतिभागियों ने दो श्रेणियों पारंपरिक स्वरचित कविता एवं आधुनिक अभिव्यक्ति में अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। निर्णायक मंडल द्वारा कंठस्थता, उच्चारण, भावाभिव्यक्ति, लय-ताल तथा मौलिकता जैसे मानदंडों के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया। सभागार में विद्यार्थियों के उत्साहपूर्ण एवं भावपूर्ण काव्य-पाठ ने सभी उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. विजय श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों एवं आयोजन टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

पारंपरिक स्वरचित कविता के अंतर्गत वंशिका (महर्षि स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज, बीए, पंचम सेमेस्टर) ने प्रथम पुरस्कार विनीत मौर्य (महर्षि स्कूल ऑफ साइंसेज, बीएससी, पंचम सेमेस्टर) द्वितीय पुरस्कार ,अनुभव पांडे (महर्षि स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, बीबीए, तृतीय सेमेस्टर) ने प्राप्त किया।
आधुनिक अभिव्यक्ति (मौखिक काव्य एवं लयात्मक वाचन) के अंतर्गत वैभव श्रीवास्तव (महर्षि स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, बीबीए, तृतीय सेमेस्टर) ने प्रथम पुरस्कार, सांभवी (महर्षि स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज, बी.फार्मा, फर्स्ट सेमेस्टर) ने द्वितीय पुरस्कार, जिया सिंह (महर्षि स्कूल ऑफ लॉ, बीए एलएलबी, प्रथम सेमेस्टर ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।
इस संपूर्ण आयोजन का कुशल समन्वयन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मनोज कुमार सिंह एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे तथा अनेक प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कुलसचिव डॉ. गिरीश छिमवाल एवं उप कुलसचिव डॉ. राजेश सिंह का विशेष सहयोग रहा। आयोजन को विद्यार्थियों एवं शिक्षकों दोनों द्वारा भरपूर सराहा गया और इसे हिंदी भाषा के प्रति नई पीढ़ी में रुचि जाग्रत करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया गया।
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