Monday , August 31 2026

स्वच्छता, स्वास्थ्य और सेवा कार्यों को गति दे रेडक्रॉस : राज्यपाल


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश राज्य शाखा की अध्यक्ष आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को जन भवन में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की वार्षिक सामान्य बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश राज्य शाखा द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित सामाजिक एवं मानवीय गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजनाओं एवं कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक का प्रमुख उद्देश्य रेडक्रॉस की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाते हुए स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन तथा जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जा रही मानवीय सहायता को सुदृढ़ करना रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी अपने स्थापना उद्देश्यों के अनुरूप सेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन तथा समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करे। उन्होंने कहा कि सोसाइटी की गतिविधियों को और अधिक गति देने की आवश्यकता है। किसी भी आपदा अथवा आवश्यकता के समय जिस प्रकार सेना के जवान समाज की सहायता के लिए तत्पर रहते हैं, उसी प्रकार सोसाइटी की ऐसी विशिष्ट पहचान बननी चाहिए कि लोग उसे सेवा और मानवीय सहायता के लिए भरोसेमंद संस्था के रूप में देखें।

राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा इसके लिए स्थान चिन्हित किए जाएं। उन्होंने प्रत्येक जनपद में ऐसे स्थान भी चिन्हित करने को कहा, जहां स्वच्छता अभियान चलाकर उन्हें स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सके। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने तथा लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया।

अपने कानपुर दौरे के दौरान रेल यात्रा का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर गंदगी देखी। इसके बाद जन भवन में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नगर निगम के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया, जिसमें लगभग 40 टन कूड़ा एकत्र किया गया। इस प्रकार के कार्यों से बच्चों और युवाओं में भी स्वच्छता एवं सेवा का संस्कार विकसित किया जा सकता है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया।

राज्यपाल ने योग को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 अगस्त, 2026 को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान द्वारा आयोजित विशेष योग सत्र में सहभागिता का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उज्बेक योग साधकों ने योग किया तथा प्रधानमंत्री ने स्वयं उनके योगासनों को देखा और उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज पूरी दुनिया भारत से योग सीख रही है और उसे अपना रही है। भारत की प्राचीन योग परंपरा विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।

उन्होंने रेडक्रॉस के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को निर्देश दिया कि वे अपने आसपास के आंगनबाड़ी केंद्रों एवं प्राथमिक विद्यालयों में जाकर वहां बच्चों को योग सिखाने का कार्य करें। उन्होंने जन भवन में संचालित आदर्श माध्यमिक विद्यालय का उदाहरण देते हुए बताया कि जन भवन में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी वहां बच्चों को योग सिखाने का कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार की पहल प्रदेश के अन्य विद्यालयों में भी की जानी चाहिए।

राज्यपाल ने वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उनके घर जाएं और बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराएं। इसके लिए अभियान चलाया जाए तथा यह भी निरीक्षण किया जाए कि बच्चे नियमित रूप से विद्यालय जा रहे हैं अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि केवल नामांकन कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

उन्होंने एचपीवी टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एचपीवी वैक्सीन को निःशुल्क उपलब्ध कराने की पहल की है, जिससे बेटियों के स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर प्रत्येक जनपद में अभियान चलाकर एक ही दिन में एक करोड़ बेटियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्यों से भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं को टीकाकरण से जोड़ने का आह्वान किया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि रेडक्रॉस सोसाइटी के कार्यों को केवल निर्धारित गतिविधियों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि बड़े लक्ष्य निर्धारित कर सतत प्रयास किए जाएं। उन्होंने संस्था के सदस्यों से आपस में मिलकर कार्य करने, एक-दूसरे से निरंतर संपर्क एवं समन्वय बनाए रखने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा कार्यों से जोड़ने का आह्वान किया।

टीबी उन्मूलन अभियान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि टीबी मरीजों को गोद लेने के अभियान की शुरुआत उन्होंने मध्य प्रदेश से की थी और बाद में इसे उत्तर प्रदेश में भी व्यापक रूप दिया गया। अब तक लगभग चार लाख टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें टीबी मुक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालय भी इस अभियान से जुड़े हैं तथा विश्वविद्यालयों द्वारा 500 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार, पोषण एवं देखभाल में सहयोग किया जाएगा।

राज्यपाल ने प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि जनसहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों को शैक्षणिक किट उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को इस कार्य से और अधिक जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने आसपास के विद्यालयों में सब्जी एवं किचन गार्डन विकसित करने के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।

राज्यपाल ने मिर्जापुर एवं काशी क्षेत्र की लगभग 2,000 महिलाओं द्वारा ‘ग्रीन आर्मी’ के रूप में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ये महिलाएं तालाबों की खुदाई एवं सफाई, समाज में नशामुक्ति के लिए जागरूकता, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा पर्यावरण संरक्षण सहित अनेक सामाजिक कार्य कर रही हैं। इन महिलाओं को मनरेगा से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास भी किया गया है। शिक्षित युवा भी इनके साथ जुड़कर सामाजिक कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि नदियों के किनारे लोग जो पुराने कपड़े छोड़ जाते हैं, उन कपड़ों को एकत्र कर इन महिलाओं द्वारा कपड़े के थैले तैयार किए जा रहे हैं, जिससे प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और प्लास्टिक मुक्त समाज की दिशा में योगदान मिल रहा है। महिलाओं को इस कार्य के लिए जनसहयोग से सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।

राज्यपाल ने बताया कि महिलाओं की मांग पर उन्हें चप्पल बनाने की मशीन भी उपलब्ध कराई गई। इसके लिए जन भवन की ओर से आर्थिक सहयोग दिया गया। इन महिलाओं द्वारा तैयार की गई चप्पल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी गईं, जिसकी प्रधानमंत्री ने सराहना की। जिलाधिकारी के सहयोग से इन महिलाओं के लिए भवन का निर्माण भी कराया जा रहा है।

उन्होंने रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्यों से कहा कि वे इन महिलाओं से मिलें, उनके कार्यों को समझें और उनके साथ जुड़कर सेवा एवं आजीविका से संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि संस्था में महिलाओं को अधिक से अधिक जोड़ा जाना चाहिए, ताकि उनकी क्षमता और अनुभव का उपयोग समाज सेवा के व्यापक कार्यों में किया जा सके।

राज्यपाल ने बताया कि उनका अपना परिवार भी समाज सेवा के कार्यों से जुड़ा हुआ है तथा परिवार द्वारा जरूरतमंद परिवारों को गोद लेकर उनका सहयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से ऐसे परिवार, जहां अकेली मां अपने बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही है, उनके सहयोग के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को ऐसे परिवारों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालय भी विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। विश्वविद्यालयों द्वारा कपड़े एकत्र किए जाते हैं और उन्हें जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही सेवा एवं सहयोग की भावना से जोड़ना आवश्यक है। जब बच्चों में बचपन से ही सेवा का भाव विकसित होता है तो वे बड़े होकर समाज सेवा तथा राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जुड़ते हैं और उनमें राष्ट्रप्रेम की भावना भी मजबूत होती है।

राज्यपाल ने कहा कि समाज सेवा के प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया जाए और उसे प्राप्त करने के लिए सतत प्रयास किए जाएं। उन्होंने रेड क्रॉस के सदस्यों से आपस में निरंतर मिलते रहने, अनुभव साझा करने, समन्वय के साथ कार्य करने तथा समाज के अधिक से अधिक लोगों को सेवा गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपदों को राज्यपाल जी ने सम्मानित भी किया।

भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, उत्तर प्रदेश के सभापति एवं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी अपने संबोधन में सभी जनपदों में इन अभियानों को सुचारू एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने का आह्वान किया। उन्होंने रेड क्रॉस के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सेवा कार्यों का लाभ पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

वार्षिक साधारण सभा के दौरान जनपद बलरामपुर इकाई के चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह को पैट्रन सदस्यता का प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर बलरामपुर जनपद इकाई का प्रतिनिधित्व करते हुए कोषाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा एवं आजीवन सदस्य आलोक अग्रवाल ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी दिल्ली की संयुक्त सचिव सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

वार्षिक साधारण सभा में लगभग 65 जनपदों से 180 से अधिक पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने प्रतिभाग किया। सभा के माध्यम से रेड क्रॉस सोसायटी के सेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा विभिन्न जनकल्याणकारी अभियानों को और अधिक व्यापक बनाने का संकल्प दोहराया गया।