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डालमिया भारत फाउंडेशन : डिजिटल साक्षरता पहल से ग्रामीण युवाओं को बनाया सशक्त

  

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डालमिया भारत लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) शाखा, डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ) ने हरदोई जिले के कुरसठ स्थित वी.एस. पब्लिक इंटर कॉलेज में अपनी मोबाइल डिजिटल लर्निंग पहल, वर्ल्ड ऑन व्हील्स’ (WoW ) के तहत एक समापन  समारोह का आयोजन किया। 

डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, इकाई गंगापुर, हरदोई (यूपी) की सीएसआर पहलों के तहत लागू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में डिजिटल लर्निंग के अवसरों तक पहुंच बढ़ाना है। इस पहल के परिणामस्वरूप, कुरसठ और आसपास के 13 गांवों के 40 लड़कियों और 50 लड़कों सहित कुल 90 छात्रों ने डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया। 

अक्टूबर 2025 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उन आवश्यक डिजिटल कौशलों से लैस करना है, जिनकी विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों में तेजी से मांग बढ़ रही है, ताकि डिजिटल डिवाइड को कम किया जा सके। यह कोर्स WoW बस के भीतर आयोजित किया जा रहा है—जो कि एक सौर ऊर्जा से चलने वाली और इंटरनेट की सुविधा से लैस मोबाइल डिजिटल क्लासरूम है।

इस प्रशिक्षण में कंप्यूटर ऑपरेशन, इंटरनेट का उपयोग, ईमेल संचार, फाइल प्रबंधन और ऑनलाइन सुरक्षा शामिल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, इस पहल से 280 छात्रों को लाभ हुआ, जिससे उन्हें तेजी से डिजिटल होती दुनिया में अपनी डिजिटल जागरूकता बढ़ाने और शिक्षा, रोजगार व रोजमर्रा की जिंदगी के लिए खुद को तैयार करने में मदद मिली। 

इस मौके पर यूनिट हेड तेज नारायण सिंह, कुरसठ के ग्राम प्रधान मान सिंह, नगर पंचायत कुरसठ के अध्यक्ष विक्रम सिंह, वी.एस. पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राज बहादुर के साथ ही डालमिया भारत शुगर प्रबंधन और डालमिया भारत फाउंडेशन टीम के सदस्य मौजूद थे।

डालमिया भारत फाउंडेशन के सीईओ अशोक कुमार गुप्ता ने कहा, “आज की डिजिटल-फर्स्ट दुनिया में, तकनीक और डिजिटल कौशल तक पहुंच शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के नए दरवाजे खोल सकती है। मैं उन सभी छात्रों को बधाई देता हूं जिन्होंने डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया है और एक उज्जवल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। डालमिया भारत में, हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के पास डिजिटल युग में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कौशल और अवसर उपलब्ध हों। हमें इन युवा शिक्षार्थियों को विकास और प्रगति की यात्रा पर आगे बढ़ते हुए देखकर गर्व हो रहा है।”