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KBC 18 में कॉमनवेल्थ चैंपियंस का जलवा, अमिताभ बच्चन के सामने बैठे विजेता

मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न का आइकॉनिक क्विज़ शो कौन बनेगा करोड़पति सीज़न 18 एक खास एपिसोड में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के विजेताओं का स्वागत करने जा रहा है। 17 अगस्त 2026 को हॉटसीट पर लवलीना बोरगोहेन, अस्मिता डे, झंडू कुमार और शर्मिला धनखड़ नज़र आए। शो के होस्ट अमिताभ बच्चन के साथ इस एपिसोड ने उन खिलाड़ियों द्वारा देश को दिलाए गए राष्ट्रीय गौरव का जश्न मनाया।

एपिसोड दर्शकों को प्रेरित करने का वादा करता है। अस्मिता डे (जिन्होंने भारत के लिए जुडो में पहला गोल्ड जीतकर इतिहास रचा) से लेकर शर्मिला धनखड़ तक, (जिन्होंने देश की पहली कॉमनवेल्थ गेम्स पैरा-एथलेटिक्स गोल्ड मेडलिस्ट बनकर नया अध्याय लिखा) इस एपिसोड ने इन विजेताओं की अद्भुत दृढ़ता और संकल्प का जश्न मनाया। हॉटसीट पर लवलीना बोरगोहेन भी थीं, जिन्होंने बॉक्सिंग की 75 किलो कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता, और झंडू कुमार, जिन्होंने ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत का पहला मेडल हासिल किया। जब उन्होंने त्रिपुरा के मिट्टी के घर से गोल्ड जीतने तक की अपनी यात्रा साझा की। 

अस्मिता डे ने केबीसी के प्रति अपने प्यार के बारे में भी कहा, “बचपन में, हर शाम परिवार के साथ केबीसी देखना एक रिवाज़ था। मैं अक्सर स्क्रीन को घूरती और सोचती कि श्री अमिताभ बच्चन सर के साथ उसी कमरे में होना कैसा होगा। और आज, इस मंच पर उनके ठीक पास खड़े होकर यह अनुभव बिल्कुल अविश्वसनीय लग रहा है। जुडो में मैट पर हर सेकंड बैलेंस, फोकस और सालों की अनुशासन की मांग करता है। अपने खेल और सफर की कहानी को कौन बनेगा करोड़पति जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर साझा करना, जो हर भारतीय घर तक पहुँचता है, मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। अमिताभ सर के साथ यह पल सिर्फ़ मेरा सपना पूरा होना नहीं है, बल्कि भारतीय जुडो के लिए गर्व का क्षण है।” 

स्पॉटलाइट से दूर रहकर चुपचाप लड़ी गई चुनौतियों पर बात करते हुए शर्मिला धनखड़ ने कहा, “एक पैरा-एथलीट के तौर पर आप सालों तक स्पॉटलाइट से दूर रहकर चुपचाप शारीरिक और सामाजिक चुनौतियों को पार करते हैं, जिन्हें बहुत कम लोग देख पाते हैं। केबीसी पर बुलाया जाना उन अदृश्य संघर्षों का राष्ट्रीय उत्सव जैसा है। अमिताभ बच्चन से बात करना बेहद प्रेरणादायक रहा, उनका अंदाज़ आपको यह एहसास दिलाता है कि कोई भी संघर्ष कभी बेकार नहीं जाता। केबीसी ने पूरे देश को दिखाया है कि सिर्फ़ इच्छाशक्ति से कोई भी बाधा इतनी बड़ी नहीं होती कि उसे पार न किया जा सके।”

लवलीना बोरगोहेन ने अपनी अनोखी बॉक्सिंग यात्रा साझा की। आमंत्रित किए जाने पर अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कहा, “सच कहूँ तो मुझे लगा था कि ओलंपिक बॉक्सिंग रिंग में उतरने का एड्रेनालिन और दबाव दुनिया में किसी चीज़ से तुलना नहीं कर सकता। लेकिन जब मैं केबीसी की हॉटसीट पर अमिताभ बच्चन के सामने बैठी, तो वह अनुभव बिल्कुल अलग था। रिंग में आप मसल मेमोरी और इंस्टिंक्ट्स पर भरोसा करते हैं, लेकिन उनके सामने बैठना मानसिक तेज़ी की परीक्षा है। भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है और केबीसी पर अपने साथी खिलाड़ियों के साथ सम्मानित होना मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा।” 

अपनी बॉडी-बिल्डिंग यात्रा साझा करते हुए पैरा-एथलीट विजेता झंडू कुमार ने कहा,  “जब आप पैरा-पावरलिफ्टर के तौर पर ट्रेनिंग करते हैं, तो आप ऐसे वज़न उठाना सीखते हैं जो असंभव लगते हैं, जब तक आप उन्हें पार नहीं कर लेते। लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा खेल सफर मुझे कौन बनेगा करोड़पति के मंच तक ले आएगा। अमिताभ बच्चन ने हमारे साहस और मेहनत के बारे में जिस गर्मजोशी और सम्मान से बात की, उसे सुनकर मुझे रोंगटे खड़े हो गए। हमारे जैसे खिलाड़ियों के लिए, जो चुपचाप संघर्ष करते हैं, केबीसी जैसा प्लेटफ़ॉर्म हमें सीमाओं को और आगे बढ़ाने और भारत को गर्व दिलाने की अद्भुत प्रेरणा देता है।”