Wednesday , July 29 2026

बिना मिल्कियत के ही आनन-फानन में पत्नी के पक्ष में करवायी गिफ्टडीड : ऋषि त्रिवेदी

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। शहर के प्रतिष्ठित विज्ञापन क्षेत्र के कारोबारी रहे दिवंगत चन्द्र भूषण त्रिपाठी की बेटी शिल्पी त्रिपाठी को प्रेमजाल में फंसाकर निकाह करने वाले मोनिश हसन ने त्रिपाठी परिवार की सम्पत्ति और कारोबार हड़पने की साजिश रच रखी थी इस साजिश को मजबूती तब और मिल जाती है जब परिवार के सभी पुरूषों की मौत होने के चन्द दिनों में ही सम्पत्तियों और कारोबार पर मोनिश का कब्जा हो जाता है। यह कहना है अखण्ड आर्यावर्त त्रिदंडी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी का।

उन्होंने कहा कि इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में विज्ञापन कारोबार संभाल रहे व्यक्ति की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। सम्पत्तियों को हड़पने के लिये आनन-फानन में हुयी लिखा-पढ़ी भी पूरी तरह से साजिश का संकेत दे रही है। जिसका जीता-जागता उदाहरण बीते तीन फरवरी को मोनिश हसन ने दबाव में मां गीता त्रिपाठी द्वारा बेटी शिल्पी त्रिपाठी उर्फ अरशी हसन के पक्ष में एक भवन की करायी गयी गिफ्ट डीड में देखा जा सकता है।

उनका आरोप है कि जिस हिस्से को वसीयतनामा के जरिये मिलना दिखाया गया है, वह वसीयत वास्तव में हुयी ही नहीं है, यदि ऐसा होता तो रजिस्ट्रेशन का ब्यौरा दिया जाता। इस वसीयत के बारे में जिक्र किया गया है उसे चन्द्रभूषण त्रिपाठी की मौत के बाद कूटरचित तरीके से लिखकर मरणोपरान्त पंजीकृत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन निबन्धन कार्यालय ने इस कार्यवाही को स्थगित कर दिया। 

ऋषि त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि यह एकमात्र गिफ्टडीड नहीं थी, बल्कि इससे पहले अन्य सम्पत्तियों को भी हड़पने के लिये चन्द्रभूषण त्रिपाठी के छोटे पुत्र मनीष त्रिपाठी के निधन के 19 दिनों बाद ही उसकी आठ साल की बेटी को बंधक बनाकर विधवा पत्नी निहारिका से नरही व राणा प्रताप स्थित सम्पत्ति की गिफ्ट डीड करवा ली। जिसको लेकर पीड़ित विधवा निहारिका एफआईआर दर्ज कराकर मोनिश के खिलाफ कार्यवाही के लिये दर-दर भटक रही है। 

सभी पुरूषों को खोने के बाद बरबादी के कगार पर पहुंचे धन-सम्पत्ति से सर्वसम्पन्न और हंसते-खेलते त्रिपाठी परिवार को न्याय दिलाने के लिये आगे आये हिन्दूवादी संगठन अखण्ड आर्यावर्त त्रिदंडी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने कहा कि इस मामले में पीड़ितों को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करवाने के लिये वह प्रयासरत है। इसके लिये आगामी चार अगस्त को सड़कों पर उतर कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक आवाज पहुंचाने का काम करेंगे।