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DDU : इग्नू अध्ययन केंद्र से छात्राओं के लिए खुलेंगे उच्च शिक्षा और करियर के नए द्वार

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम शुक्रवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ के सहयोग से “शिक्षा से सर्वोच्चता” अभियान के अंतर्गत “पारम्परिक शैक्षिक पद्धति के विद्यार्थियों की कौशल अभिवृद्धि एवं ज्ञान संवर्धन हेतु इग्नू द्वारा संचालित व्यावसायिक कार्यक्रमों” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शिवानी श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक एवं प्रमुख डॉ. अनिल कुमार मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जय प्रकाश वर्मा रहे।

कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। महाविद्यालय की छात्राओं ने अतिथियों का पारम्परिक स्वागत किया। महाविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत कर वातावरण को गरिमामय एवं प्रेरणादायी बनाया।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अमितेन्द्र सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने महाविद्यालय में इग्नू अध्ययन केंद्र की स्थापना से छात्राओं को प्राप्त होने वाले शैक्षिक एवं व्यावसायिक अवसरों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमामय संचालन प्रो. (डॉ.) रीता अग्निहोत्री द्वारा किया गया।

अपने व्याख्यान में डॉ. जय प्रकाश वर्मा ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना, उद्देश्यों एवं विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि देश में अनेक मुक्त विश्वविद्यालय संचालित होने के बावजूद इग्नू की सबसे बड़ी विशेषता उसकी लचीली (Flexible) शिक्षा प्रणाली है। इग्नू विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकताओं एवं परिस्थितियों के अनुरूप अध्ययन करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है। 

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार पाठ्यक्रम का चयन, अध्ययन की गति तथा परीक्षा देने का अवसर प्राप्त करते हैं। यही लचीलापन इग्नू को देश का सर्वाधिक विश्वसनीय एवं अग्रणी मुक्त विश्वविद्यालय बनाता है। उन्होंने छात्राओं से इग्नू के कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में केवल पारम्परिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को कौशल आधारित एवं व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इग्नू के माध्यम से छात्र-छात्राएँ अपनी नियमित शिक्षा के साथ-साथ अतिरिक्त प्रमाणपत्र, डिप्लोमा एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर अपने व्यक्तित्व एवं करियर को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाविद्यालय में इग्नू अध्ययन केंद्र की स्थापना होने से छात्राओं को उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शिवानी श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को बहुविषयक, लचीली एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय सदैव छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है तथा इग्नू अध्ययन केंद्र की स्थापना महाविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी। इससे छात्राओं को नियमित अध्ययन के साथ-साथ कौशल विकास एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का लाभ भी एक ही परिसर में प्राप्त हो सकेगा।

कार्यक्रम के उपरान्त इग्नू क्षेत्रीय केंद्र के अधिकारियों ने महाविद्यालय के प्राध्यापकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस बैठक में महाविद्यालय में इग्नू अध्ययन केंद्र की स्थापना की कार्ययोजना, छात्राओं के हित में संचालित किए जाने वाले विभिन्न व्यावसायिक एवं कौशल विकास कार्यक्रमों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शैक्षणिक सहयोग तथा भविष्य में संयुक्त रूप से आयोजित की जाने वाली अकादमिक गतिविधियों पर सार्थक चर्चा हुई। प्राध्यापकों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा छात्राओं के हित में इग्नू के साथ दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. (डॉ.) रीता अग्निहोत्री ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में एनसीसी कैडेट्स, राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राओं और रेंजर्स की छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।