मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। इंडियन आइडल का आगामी एपिसोड भारतीय सिनेमा में हेमा मालिनी की उल्लेखनीय यात्रा के 60 शानदार वर्षों का जश्न मनाता है। यह एक दिल छू लेने वाला एपिसोड होने का वादा करता है क्योंकि अनुभवी अभिनेत्री बॉलीवुड के दिग्गज अमिताभ बच्चन के साथ अपने यादगार सहयोग को याद करती है। एक नवागंतुक से हिंदी सिनेमा की ‘महानायक’ बनने तक अपने परिवर्तन को देखने से लेकर, हेमा ने अपनी प्रतिष्ठित फिल्मों की यादों और ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन उनके बीच के सौहार्द्र को साझा किया।
एपिसोड के दौरान, होस्ट आदित्य नारायण ने हेमा मालिनी से अमिताभ बच्चन के साथ कसौटी, नास्तिक, देश प्रेमी, नसीब, सत्ते पे सत्ता और बागबान सहित कई यादगार फिल्मों में काम करने के उनके अनुभव के बारे में पूछा। एक अभिनेता के रूप में उनकी उल्लेखनीय यात्रा पर विचार करते हुए, हेमा ने कहा, “काफी बदल जाता है। मतलब ‘कसौटी’ पहली फिल्म थी जिसमें हमने साथ काम किया था। उसके पहले वो दो किशोर फिल्में कर चुके थे मेरे ख्याल में। उसमें आगे बढ़ते-बढ़ते कितना बदलाव आया। यही कारण है कि उन्हें हिंदी सिनेमा का ‘महानायक’ कहा जाता है। हर जगह ऐसे ही बुलाते हैं उनको। इतना बदलाव एक सीन को अच्छे तरीके से परफॉर्म करते थे। वह अपना समय लेते थे और फिर अलग-अलग रोल करते थे और हर रोल में वो कमाल थे।”

साथ में फिल्म करते समय साझा किए गए हल्के-फुल्के पलों को याद करते हुए हेमा मालिनी ने खुलासा किया कि एक अविश्वसनीय रूप से समर्पित अभिनेता होने के बावजूद, अमिताभ बच्चन हमेशा सेट पर खुशी लाते थे। उन्होंने साझा किया, “नसीब’ में वह बिल्कुल अलग थे और बहुत खुश थे। मस्ती मजाक करते थे। ‘जॉन जानी जनार्दन’ गाने में वह विशेष रूप से बहुत मस्ती कर रहे थे। वैसे ही ‘देश प्रेमी’ में भी वो अलग थे। वह एक बहुत ही गंभीर अभिनेता हैं, लेकिन सेट में इतनी मस्ती भी करते थे। बहुत मजा आता था। ‘बागबान’ के टाइम में भी काफ़ी सीन बहुत गंभीर थे, लेकिन अचानक इतना मज़ाक करते थे कि पूरा सेट उनके साथ मस्ती करने के लिए खड़ा हो जाता था। वह बहुत विनोदी थे, कभी-कभी बहुत खुशमिज़ाज़ थे, लेकिन अगर गंभीर सीन होता तो एक कोने में बैठ कर अपने किरदार में खो जाते थे। उस किसम के अभिनेता बहुत दुर्लभ होते हैं।”
सत्ते पे सत्ता जैसी फिल्मों में साथ बिताए अपने समय को याद करते हुए हेमा मालिनी ने कहा, ”मेरा बहुत नसीब था कि मैंने नसीब, देश प्रेमी, सत्ते पे सत्ता जैसी फिल्में उनके साथ कीं। जब ‘सत्ते पे सत्ता’ याद आती है, तो लगता है कितनी मस्ती होती थी। सारे 7 भाई और अमिताभ जी मिलकर इतना मज़ाक करते थे। मैंने वो दिन बहुत मजा आया। ‘बागबान’ के लिए जब इतने सालों के साथ आए, तो मुझे पहले दिन थोड़ा अजीब लग रहा था। मैंने अमिताभ जी से कहा कि मुझे अजीब लग रहा है, ‘अजीब मत लगो, मुझे भी ऐसा लग रहा है,’ क्योंकि उनके लिए भी काफी गैप है। थी। फिर हम दोनों ने बहुत ख़ूबसूरती से उसके साथ काम किया।”
प्रशंसा, पुरानी यादों और हार्दिक यादों से भरी, हेमा मालिनी की बातचीत न केवल भारतीय सिनेमा के महानतम अभिनेताओं में से एक के रूप में अमिताभ बच्चन के असाधारण विकास का जश्न मनाती है, बल्कि हिंदी सिनेमा की कुछ सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में उनके द्वारा साझा की गई स्थायी दोस्ती और अविस्मरणीय क्षणों का भी जश्न मनाती है।
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