लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। शासन-प्रशासन की अनदेखी और क्षेत्रीय नेताओं ने वोटबैंक की खातिर लगभग दो माह पूर्व विनायक पुरम रिंगरोड विकासनगर में हुये भीषण अग्निकांड में स्वाहा हुयी झुग्गी-झोपड़ियों के पीड़ितों को एक बार फिर खतरों की खाई में धकेल दिया है। मालूम हो बीते 15 अप्रैल यहां हुये भीषण अग्निकांड में सैकड़ों झोपड़ियां जलकर राख हो गयी थी और मासूमों को जान से हाथ धोना पड़ा था।
जनविकास महासभा के अध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहाकि इस बड़े हादसे के बाद पीड़ितों के लिये स्थायी समस्या का समाधान के लिये प्रयास न कर अग्निकांड स्थल सरकारी जमीन पर अवैधानिक रूप में न सिर्फ झुग्गी-झोपड़ियां बनवा दी गयी बल्कि उसमें एक राजनैतिक दल ने अपने झण्डे भी लगवा दिये। बिजली आदि की सुविधायें भी अवैधानिक रूप से दिलवाई जा रही है। अर्थात वोटबैंक के तथाकथित लालची नेताओं ने प्रशासन के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र को एक बार फिर लाक्षागृह बनाकर वहां रह रहे लोगों को खतरे में डाल दिया है।

जनविकास महासभा के अध्यक्ष पंकज तिवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हुये यहां बसे लोगों को जांच कर सुरक्षित स्थानों पर बसाने का कार्य किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहाकि बीते अप्रैल में हुये भीषण अग्निकांड के बाद शासन प्रशासन के अधिकारियों की अनदेखी और अप्रत्यक्ष रूप में पुनः अवैधानिक रूप से झुग्गी-झोपड़ियों को बसाने में सहयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी काररवाई की जाये।
वहीं क्षेत्रीय पार्षद उमेश सनवाल ने भीषण अग्निकांड के बाद पुनः झोपड़पट्टी बस जाने पर चिंता जताते हुए इसे इसे जिम्मेदार विभागों की लापरवाहीं का परिणाम बताया। उनका कहना है कि उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री के साथ ही स्थानीय सांसद और विधायक को पत्र लिखकर उक्त भूमि पर महिला डिग्री कालेज, चिकित्सालय और सामुदायिक केंद्र बनाने की माँग की थी। जिससे जरूरतमंदों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकें। लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई पहल नहीं हुई।
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