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भारत के स्टील ग्रोथ स्टोरी में वीआईएसएल की एंट्री, निवेशकों की उम्मीदें बढ़ीं

पंजिम (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (वीआईएसएल/कंपनी) ने बीएसई लिमिटेड (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) पर अपने इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग का एलान किया है। यह स्वतंत्र और संसाधनों से युक्त आयरन ओर एवं स्टील कंपनी के रूप में इसके एक नए अध्याय की शुरुआत की है।

इस लिस्टिंग से निवेशकों को भारत के तेजी से उभरते इंटीग्रेटेड आयरन ओर एवं स्टील प्लेटफॉर्म्स में से एक से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है। जबकि देश का स्टील सेक्टर एक अप्रत्याशित विस्तार के चरण में कदम रख रहा है। भारत की स्टील उत्पादन क्षमता 2030 तक बढ़कर 30 करोड़ टन होने का अनुमान है। अभी यह क्षमता करीब 20 करोड़ टन है। 

इन्फ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, एनर्जी, डिफेंस एवं शहरीकरण के क्षेत्र में लगातार निवेश से यह विकास संभव होगा। घरेलू स्तर पर स्टील की मांग सालाना 6 से 8 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो कि वैश्विक स्तर पर वृद्धि से कहीं ज्यादा है। अनुमान है कि आने वाले दशक में यह सेक्टर भारत के आर्थिक विकास में प्रमुख भूमिका निभाएगा।

इन उभरते अवसरों के बीच वीआईएसएल दीर्घकालिक आयरन ओर रिसोर्सेज, इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस और एक्सपेंशन पाइपलाइन को इंटीग्रेट कर रही है। करीब 4 अरब टन के आयरन ओर रिजर्व एवं रिसोर्सेज के साथ कंपनी के पास 50 साल से ज्यादा समय के लिए कच्चे माल की उपलब्धता है। इस मजबूती के साथ कंपनी एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना रही है, जिससे आयरन ओर एवं स्टील वैल्यू चेन में लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएट होगी।

वीआईएसएल ने ग्रोथ एवं वैल्यू क्रिएशन के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। इसे सुनियोजित कैपेक्स प्रोग्राम से भी समर्थन मिला है। कंपनी हाई सिलिकन आयरन, डीआई पाइप, वायर रॉड और रेबार के क्षेत्र में वैल्यू एडेड प्रोडक्ट कैपेसिटी बढ़ाने पर फोकस कर रही है।

पहले से ही भारत के सबसे बड़े आयरन ओर उत्पादकों एवं निर्यातकों में शुमार वीआईएसएल ओडिशा, झारखंड, गोवा, कर्नाटक एवं लाइबेरिया में माइनिंग, प्रोसेसिंग और स्टीलमेकिंग एसेट्स के व्यापक पोर्टफोलियो का लाभ ले रही है। कंपनी की इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन को डेडिकेटेड रेलवे साइडिंग, पोर्ट एक्सेस, बार्ज फ्लीट एवं फैसिलिटीज और कैप्टिव पावर एसेट्स समेत स्ट्रेटजिक लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर से सपोर्ट मिल रहा है। इससे एफिशिएंट ऑपरेशन और विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में बाजार तक पहुंच संभव हुई है।

बीएसई में स्क्रिप कोड ‘544784’ और एनएसई में ‘वीआईएसएल’ के तहत ट्रेडिंग कर रही कंपनी के शेयर बीएसई में 22.25 रुपये और एनएसई में 20 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए।

इस लिस्टिंग के बारे में वीआईएसएल के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक पंकज कुमार शर्मा ने कहा, ‘वीआईएसएल की लिस्टिंग कंपनी के लिए विकास के एक नए चरण की शुरुआत है। हम भारत में सबसे ज्यादा इंटीग्रेटेड रिसोर्स से भरपूर आयरन ओर एवं स्टील ग्रोथ प्लेटफॉर्म में से एक की स्थापना कर रहे हैं। इसे लंबी अवधि के रिजर्व, ऑपरेशनल इंटीग्रेशन और स्पष्ट रूप से परिभाषित एक्सपेंशन रोडमैप से समर्थन मिल रहा है। भारत औद्योगिक एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास के नए चरण में कदम रख रहा है और ऐसे में हमें विश्वास है कि वीआईएसएल इस बदलाव में हिस्सा लेने एवं योगदान देने के लिए सही स्थिति में है। हमारा फोकस अनुशासित तरीके से क्रियान्वयन करने, जिम्मेदारी के साथ विकास करने और सभी संबंधित पक्षों के लिए सतत दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने पर है।’ 

एक स्वतंत्र लिस्टेड कंपनी के रूप में वीआईएसएल को ज्यादा सटीक रणनीतिक फोकस, बेहतर ऑपरेशनल दृढ़ता और डेडिकेटेड कैपिटल एलोकेशन फ्रेमवर्क से फायदा होगा। वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, पूरी तरह से इंटीग्रेटेड और भविष्य के लिए तैयार आयरन ओर एवं स्टील बिजनेस स्थापित करने के अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते हुए कंपनी जिम्मेदारी के साथ माइनिंग करने, परिचालन के मामले में उत्कृष्टता और सतत मूल्य सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।