लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। रितेश देशमुख और फराह खान बने हैं जेलर और उनकी कंट्रोल्ड एवं हाई-प्रेशर जेल में बंद हैं। 14 जानी-मानी हस्तियाँ। देखिए लॉक अपः सच या सजा, एक ऐसे कैप्टिव रियलिटी शो का सिलसिला, जो इससे पहले भारतीय रियलिटी एंटरटेनमेंट में कभी नहीं देखा गया है। बाहरी दुनिया से बिल्कुल कटे हुए, हर ऐशो-आराम से दूर और लगातार चुनौतीपूर्ण होते टास्कों के बीच इन मशहूर लोगों को लगातार अपने साथियों को बदलते हुए और मुश्किल फैसले करते हुए आगे बढ़ते रहना होगा। उनका हर कदम रातों-रात हालात को बदल देगा।
छः हफ्ते तक चलने वाले इस ड्रामा में हर रोज अलग-अलग टास्क होंगे, स्टेटस के पायदान होंगे, चार्जशीट लाई जाएगी, सजाएं दी जाएंगी और टर्मिनेट किया जाएगा। पूरे सफर में उनकी क्षमता और बचे रहने की इच्छा की कड़ी परीक्षा होगी। जैसे-जैसे दबाव बढ़ेगा, रहस्य सामने आते चले जाएंगे, साथी बदलते जाएंगे और कोई भी अनुमान लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा।
नेटफ्लिक्स और एकता कपूर के बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत लॉक अप: सच या सजा एक हाई-स्केल एंटरटेनमेंट फॉर्मेट है, जो ग्लोबल दर्शकों के लिए बनाया गया है। इसका दिलचस्प प्रोडक्शन डिज़ाईन, पेचीदा गेमप्ले, भावनात्मक दबाव और लगातार असामान्य स्थितियां प्रतियोगियों को परफॉर्मेंस से बाहर आकर बिल्कुल असली प्रतिक्रियाएं देने पर मजबूर कर देते हैं।
रितेश देशमुख ने कहा, ‘‘लॉक अप: सच या सजा एक दिलचस्प फॉर्मेट है। यह उस समय का प्रतिबिंब है, जिसमें हम रह रहे हैं। यह मजेदार और रोमांचक है। हर प्रतियोगी अपनी सच्चाई और एक रणनीति के साथ लॉक अप: सच या सजा में प्रवेश करता है। लेकिन यहाँ हर चीज की कड़ी परीक्षा होती है। फराह और मैं यहाँ पर सबसे आगे बैठकर हर ट्विस्ट, टकराव और खुलासे को देखेंगे। इस जेल में एक बात पक्की है कि यहाँ से कोई भी वैसा बाहर नहीं जाएगा, जैसा वह यहाँ आया था।’’
फराह खान ने कहा, ‘‘मैंने अपने करियर में बहुत कुछ देखा है। लेकिन लॉक अप: सच या सजा उन सबसे अलग है। इसमें कोई फिल्टर नहीं है। कोई रीटेक नहीं है। यहाँ पर जानी-मानी हस्तियाँ वास्तविक दबाव में अपने असली रूप में सामने आएंगी। यहीं से असली मनोरंजन शुरू होगा। रितेश और मेरा स्टाईल बिल्कुल अलग है, जिसके कारण यह सारी हलचल और अधिक मजेदार बन जाएगी। यदि आपको लगता है कि आप हर ड्रामा देख चुके हैं, तो आप एक बार फिर सोचने को मजबूर हो जाएंगे। क्योंकि नेटफ्लिक्स का यह शो ड्रामा का भी बाप है।’’
अपनी दिलचस्प दुनिया, जबरदस्त गेमप्ले और अत्यधिक भावुक हो चुके प्रतियोगियों के बीच लॉक अप: सच या सजा में बचने का केवल एक ही तरीका है। वह है – अपनी सच्चाई को स्वीकारना।
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