लक्ष्मण टीला पर भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प को मिला बल, रामभद्राचार्य से मिले ऋषि त्रिवेदी

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। लक्ष्मण टीला पर भव्य लक्ष्मण मंदिर निर्माण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। सीतापुर रोड स्थित सेवा अस्पताल परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने लखनऊ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा था कि इस नगर की वास्तविक पहचान भगवान श्रीराम के अनुज कुमार लक्ष्मण से जुड़ी है। 

उन्होंने कहा कि लखनऊ केवल नवाबी संस्कृति का प्रतीक नहीं, बल्कि भगवान लक्ष्मण की तपोभूमि और उनके नाम से स्थापित नगर है। जगद्गुरु ने लक्ष्मण टीला के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए वहां भव्य लक्ष्मण मंदिर निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।

कथा के दौरान रामभद्राचार्य ने पुनः संकल्प दोहराया कि लखनऊ के लक्ष्मण टीला पर भगवान लक्ष्मण का भव्यतम मंदिर बनकर रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न्यायालय का फैसला हिंदुओं के पक्ष में आएगा और लक्ष्मण जी का भव्य मंदिर निर्माण अवश्य होगा। यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि वह न्यायालय का सम्मान करते हैं। लक्ष्मण टीला प्रकरण में यदि न्यायालय चाहेगा तो वह स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। 

इस बीच रविवार को लक्ष्मण टीला की मुक्ति को लेकर न्यायिक लड़ाई लड़ रहे अखण्ड आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी और प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष चन्द्रमौलि शुक्ल ने तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरू राम भद्राचार्य से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया और उन्हें लक्ष्मण टीला मुक्ति से संबंधित स्मृति चिन्ह प्रदान किया। उन्होंने जगद्गुरू रामभद्राचार्य से न्यायालय में भव्य लक्ष्मण मंदिर निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखने का अनुरोध किया। 

इस दौरान जगद्गुरू राम भद्राचार्य ने लक्ष्मण टीला की मुक्ति को लेकर चल रही न्यायिक लड़ाई को और मजबूती के साथ लड़ने के लिये पक्षकारों ऋषि त्रिवेदी, धनवीर आदि को वार्ता के लिये चित्रकूट आमंत्रित किया। मुलाकात के बाद ऋषि त्रिवेदी ने बताया कि लक्ष्मण टीला में पूजा के अधिकार को लेकर निचली अदालत और हाईकोर्ट लखनऊ खण्डपीठ में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में विकास के नाम पर लक्ष्मण टीला पर अवैध निर्माण कार्य के ध्वस्तीकरण की मांग को लेकर वाद विचाराधीन है। 

श्री त्रिवेदी ने जगद्गुरू राम भद्राचार्य का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि उन्होंने लक्ष्मण टीला मामले को व्यासपीठ से उठाकर एक मजबूती प्रदान की है और उम्मीद है कि भगवान श्रीराम जन्मभूमि और भोजशाला की तरह न सिर्फ जल्द ही लक्ष्मण टीला पर भव्य मन्दिर के निर्माण के साथ हिन्दु समाज को पूजा का अधिकार मिलेगा बल्कि वहां हुये अवैध निर्माण को जल्द से जल्द ध्वस्त किया जायेगा।