Wednesday , June 3 2026

रेस्टोरेंट का मालिक हिरासत में, दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में बड़ा एक्शन, 21 मौतों पर गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज

Delhi Hotel Fire : नई दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस में भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले में गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज करने की तैयारी कर ली है और रेस्टोरेंट मालिक को हिरासत में ले लिया गया है।कैसे लगी आग?जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 8:50 बजे रेस्टोरेंट के किचन क्षेत्र से शुरू हुई और तेजी से ऊपर की मंजिलों तक फैल गई। कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई, जिससे अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।दमकल विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशनचीफ फायर ऑफिसर अभिलाष कुमार मलिक के अनुसार, शुरुआती चरण में 7 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त वाहन और अधिकारी तैनात किए गए। बचाव अभियान के दौरान:74 लोगों को इमारत से बाहर निकाला गयाइनमें से 39 लोगों को अस्पताल भेजा गयाकई लोग गंभीर रूप से घायल हैंएक दमकलकर्मी भी मामूली रूप से घायल हुआघायलों को एम्स अस्पताल, मैक्स अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।21 मौतों की पुष्टिअस्पताल प्रशासन के अनुसार, कई पीड़ितों को मृत अवस्था में लाया गया। मैक्स अस्पताल में पहुंचे 39 लोगों में से 18 की मौत पहले ही हो चुकी थी, जबकि एम्स में भी कुछ मृतकों को लाया गया। इस तरह कुल मृतकों की संख्या 21 तक पहुंच गई है। करीब 15 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।इमारत की गंभीर खामियां उजागरचीफ फायर ऑफिसर ने इमारत की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनके अनुसार:इमारत में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं थाधुएं के निकास के लिए कोई खुली खिड़की नहीं थीकेवल एक ही सीढ़ी मौजूद थीकोई फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं थापूरी इमारत शीशे से सील थीअधिकारियों का कहना है कि ऐसी संरचना आग लगने पर “चिमनी इफेक्ट” पैदा करती है, जिससे धुआं और गर्मी तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच जाते हैं और लोग फंस जाते हैं।कमरे और नियमों का उल्लंघनजांच में सामने आया है कि गेस्ट हाउस को सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट (BNB) योजना के तहत केवल 6 कमरों की अनुमति दी गई थी, लेकिन यहां करीब 25 कमरे बनाए गए थे। आरोप है कि अग्निशमन और स्थानीय निकायों की मंजूरी के नियमों का भी पालन नहीं किया गया।बचाव में स्थानीय लोगों की मददप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग के समय स्थानीय दुकानदारों ने भी बचाव में मदद की। सामने स्थित गद्दे की दुकान के मालिक ने अपने गद्दे सड़क पर बिछाकर कई लोगों की जान बचाने में मदद की, क्योंकि लोग ऊपरी मंजिलों से कूदकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर शोक जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं।वहीं नगर निगम और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाईदिल्ली पुलिस के अनुसार, इमारत में प्रवेश और निकास का केवल एक ही रास्ता था, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया। पुलिस ने रेस्टोरेंट मालिक को हिरासत में लेकर गैरइरादतन हत्या सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।