लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आंचलिक विज्ञान नगरी में नव उन्नत एवं नवीनीकृत “मनोरंजन विज्ञान दीर्घा (Fun Science Gallery)” का उद्घाटन शुक्रवार को बतौर मुख्य अतिथि मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर बतौर विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा, डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी (निदेशक, सी.एस.आई.आर-केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान, लखनऊ) तथा विजय शंकर शर्मा (निदेशक, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली) उपस्थित रहे।

उद्घाटन के पश्चात सभी अतिथियों ने नव उन्नत दीर्घा का अवलोकन किया तथा वहाँ स्थापित विभिन्न इंटरैक्टिव प्रदर्शों को देखा। उन्होंने विज्ञान और मनोरंजन के अद्भुत समन्वय पर आधारित इस अनूठी दीर्घा की सराहना करते हुए आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ के प्रयासों की प्रशंसा की।

उपमुख्यमंत्री ने “मनोरंजन विज्ञान दीर्घा” के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे विज्ञान शिक्षा और जनजागरूकता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ तथा राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहाकि यह आधुनिक एवं इंटरैक्टिव दीर्घा विद्यार्थियों तथा आमजन के विज्ञान को देखने, समझने और अनुभव करने का अनूठा अवसर प्रदान करती है। इस प्रकार की पहलें बच्चों एवं युवाओं में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को बढ़ावा देती हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इस अवसर पर विजय शंकर शर्मा ने आंचलिक विज्ञान नगरी के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी लोगों से विज्ञान नगरी का भ्रमण करने एवं इस महत्वपूर्ण शैक्षिक सुविधा का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे विज्ञान केंद्र सभी आयु वर्ग के लोगों को वैज्ञानिक ज्ञान और सीखने के उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं।

डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए आंचलिक विज्ञान नगरी की टीम को विद्यार्थियों और आगंतुकों के लिए आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक दीर्घा विकसित करने हेतु बधाई दी। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि विज्ञान को मनोरंजक और सहभागितापूर्ण तरीके से सीखाने वाली ऐसी दीर्घाएँ विद्यार्थियों के लिए किसी उपहार से कम नहीं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से विज्ञान केंद्रों का अधिकाधिक भ्रमण करने और बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शैक्षिक पहलें देश की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

“मनोरंजन विज्ञान दीर्घा” को इस अवधारणा पर विकसित किया गया है कि विज्ञान को पढ़ने से अधिक करके सीखना प्रभावी होता है। इस दीर्घा में यांत्रिकी, चुंबकत्व, विद्युत, गणित, गुरुत्वाकर्षण, ध्वनि एवं प्रकाशिकी जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित अनेक इंटरैक्टिव प्रदर्श स्थापित किए गए हैं। प्रमुख आकर्षणों में मनोरंजक दर्पण, प्लेट में सिर, अनंत कूप, न्यूटन क्रैडल, हार्टबीट आदि शामिल हैं, जो जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल, रोचक और मनोरंजक रूप में प्रस्तुत करते हैं।

दीर्घा का भ्रमण करने आई एक महिला आगंतुक ने अपने बच्चों के साथ “मनोरंजन विज्ञान दीर्घा” का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके बच्चे हमेशा आंचलिक विज्ञान नगरी आना पसंद करते हैं और नई इंटरैक्टिव प्रदर्शों को देखकर अत्यंत उत्साहित रहते है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें बच्चों को विज्ञान को सरल, व्यावहारिक और मनोरंजक तरीके से समझने में मदद करती हैं तथा उनमें कम उम्र से ही विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि विकसित करती हैं।

इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं आम आगंतुकों ने आंचलिक विज्ञान नगरी का भ्रमण किया तथा नव उन्नत दीर्घा का आनंद लिया। कार्यक्रम के अंत में स्वरुप मंडल (केंद्र प्रमुख, आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ) ने सभी अतिथियों, आगंतुकों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आंचलिक विज्ञान नगरी भविष्य में भी विज्ञान को सरल, मनोरंजक और सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा तथा विद्यार्थियों एवं आगंतुकों के बीच वैज्ञानिक चेतना एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देता रहेगा।
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