लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक और वी-स्पार्क डीपटेक वेंचर्स ने ‘जिनोवेशन 2026’ का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य माइनिंग, स्मेल्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के जरिए 2,000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त मूल्य सृजित करना है।
इस दौरान हिंदुस्तान जिंक ने माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, सीमेंस, एबीबी, सैंडविक और एक्ससीएमजी जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ चर्चा की। साथ ही रोबोटिक्स, एसेट मैनेजमेंट और डेटा एनालिटिक्स पर काम करने वाले कई स्टार्टअप्स के साथ एमओयू किए गए।
हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा, “विनिर्माण का भविष्य बुद्धिमत्ता के साथ विस्तार करने की हमारी क्षमता से तय होगा। हिंदुस्तान जिंक में हम तकनीक को अपने संचालन के मूल में शामिल कर रहे हैं ताकि पारंपरिक उद्योगों को भी डेटा आधारित और अधिक सक्षम बनाया जा सके। जिनोवेशन वैश्विक क्षमता, नवाचार और औद्योगिक स्तर पर प्रभाव पैदा करने वाले समाधानों को एक साथ लाता है।”
वी-स्पार्क डीपटेक वेंचर्स के चेयरमैन आकर्ष हेब्बर ने कहा, “औद्योगिक नेतृत्व का अगला दौर एआई और सहयोगात्मक नवाचार से संचालित होगा। जिनोवेशन इस दिशा में नवाचार को पायलट स्तर से बड़े औद्योगिक प्रदर्शन तक ले जाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
चर्चा में प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस, डिजिटल ट्विन, कनेक्टेड ऑपरेशन, ऑटोमेशन, कंप्यूटर विजन और रियल-टाइम डिसीजन इंटेलिजेंस जैसे एआई आधारित औद्योगिक उपयोग मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया।
यह पहल उत्पादकता बढ़ाने, लागत अनुकूलन, एसेट विश्वसनीयता, ऊर्जा दक्षता, सुरक्षा और तेज निर्णय क्षमता जैसे क्षेत्रों में सुधार पर केंद्रित है। वी-स्पार्क इन समाधानों को व्यापक मैन्युफैक्चरिंग उद्योग तक ले जाने पर काम करेगा।
कार्यक्रम के तहत एक्ससीएमजी, सैंडविक, एसटीएल डिजिटल और एवेवा के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वहीं बीटा टैंक्स रोबोटिक्स, सिम्बोटिकवेयर एआई, कर्नली, इनफिनिट अपटाइम और इंटेलिसेंस डॉट आईओ जैसे स्टार्टअप्स के साथ भी तकनीकी मूल्यांकन और पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए साझेदारी की गई।
कार्यक्रम में हिंदुस्तान जिंक ने अपनी डिजिटल माइनिंग और स्मेल्टिंग क्षमताओं का भी प्रदर्शन किया, जिसमें टेली-रिमोट ऑपरेशन, वर्चुअल रियलिटी और उन्नत डिजिटल सिस्टम शामिल थे। वर्तमान में कंपनी वी-स्पार्क के माध्यम से 50 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ 100 से अधिक परियोजनाओं पर काम कर रही है।
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