स्वस्थ रहने के लिए हाथों की स्वच्छता का रखें खास ख्याल : मुकेश शर्मा

विश्व हाथ स्वच्छता दिवस (05 मई) पर विशेष

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। संक्रामक बीमारियों से बचाव का सबसे सरल और कारगर तरीका हाथों को साबुन-पानी से कम से कम 20 सेकंड तक सही तरीके से धोना है। स्वास्थ्य सेवाओं को भी संक्रमण से सुरक्षित बनाने के साथ ही मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराने के लिए हाथों को केवल धोना ही नहीं बल्कि सही तरीके से धोना बहुत जरूरी होता है। इसी तरह अपने साथ ही अपनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी हाथों को सही तरीके से धोना जरूरी है।

पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुकेश शर्मा का कहना है कि दिनभर में हम हाथों से कई तरह के जरूरी काम करते हैं और उस दौरान कई लोगों, सतहों व वस्तुओं के सीधे सम्पर्क में आते हैं। इससे गंदगी, रोगाणु, कीटाणु और बैक्टीरिया की गिरफ्त में आने की सम्भावना बनी रहती है। इसलिए हाथों को सही तरीके से धोना बहुत जरूरी होता है।

अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मी मरीजों की देखभाल से पहले और बाद में हाथों को सही तरीके से धोना कभी न भूलें, क्योंकि वह अस्पताल में मरीजों के देखभाल के दौरान संक्रमण के जोखिम से घिरे होते हैं। सही तरीके से हाथ धोने से सर्दी, फ्लू, दस्त व अन्य संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित बना जा सकता है। समुदाय के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को जागरूक बनाने के लिए ही हर साल पांच मई को विश्व हाथ स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। इस साल इस खास दिवस की थीम -जीवन बचाएं : अपने हाथ साफ़ करें, “कार्रवाई से जीवन बचता है” (एक्शन सेव्स लाइव्स) तय की गयी है। यह थीम हर किसी को स्वास्थ्य देखभाल में संक्रमण को रोकने, मरीजों को सुरक्षित बनाने और समुदाय के साथ स्वास्थ्य कर्मियों में जागरूकता फैलाने के बारे में प्रेरित करती है।

हाथों की सही धुलाई के लिए SUMAN K (सुमन-के) को अपनाएं

हाथों को धोना ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि सही तरीके से धोना जरूरी होता है। इसके लिए सामुदायिक स्तर पर आज S U M A N K (सुमन के) के बारे में लोगों खासकर बच्चों को सरल तरीके से समझाने की जरूरत है ताकि वह इन छह चरणों को अपनाकर हाथों की सही स्वच्छता के लिए सक्षम बन सकें। यह छह चरण हैं – S (एस) -साबुन-पानी से झाग बनाने के बाद पहले सीधी हथेलियों को बारी-बारी से घिसें, U (यू)- उल्टी तरफ हाथों को बारी-बारी से घिसें, M (एम)- मुट्ठी बंदकर हाथों को अच्छी तरह घिसें, A (ए)- अंगूठों को अच्छी तरह से रगड़ें, N (एन) – नाखूनों को अच्छी तरह से साफ़ करें, K (के)- कलाइयों को भी ठीक से रगड़ें।

हाथों को सही तरीके से कब-कब धोना बहुत जरूरी

बच्चों की देखभाल से पहले, मरीजों की सेवा से पहले और बाद में, खाना बनाने या खाने से पहले, शौचालय का उपयोग करने के बाद, खांसने, छींकने या नाक साफ़ करने के बाद, कचरा उठाने या किसी गन्दी सतह को छूने के बाद, जानवरों या पालतू जानवरों को छूने के बाद हाथों को साबुन-पानी से कम से कम 20 सेकेण्ड तक सही तरीके से अवश्य धोएं।