Sunday , April 19 2026

आचार्य और संत ही सनातन परंपरा के सच्चे ध्वजवाहक : डा. नीरज बोरा

परशुराम जयंती पर सनातन के ध्वजवाहकों का सम्मान

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर भगवत चर्चा को जन-जन तक पहुँचाने वाले सनातन धर्म के ध्वजवाहकों का पूजन एवं सम्मान किया गया। रविवार को लखनऊ उत्तर के विधायक डॉ. नीरज बोरा एवं सेवा अस्पताल के प्रबंध निदेशक वत्सल बोरा ने पुरनिया स्थित कार्यालय में भगवान परशुराम का विधिवत पूजन-अर्चन कर ब्राह्मण समाज के आचार्यों एवं विद्वानों से आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर डा. नीरज बोरा ने उपस्थित विप्र बंधुओं को संबोधित करते हुए भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के आदर्शों और उनके धर्म-संरक्षण के संकल्प का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने में आचार्यों, संतों और विद्वानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर पर अनेक आक्रमण हुए जिनका उद्देश्य केवल संपदा लूटना ही नहीं अपितु हमारी आस्था और परंपराओं को भी आघात पहुँचाना था, किन्तु आप सबके प्रयासों से धर्म आज भी सशक्त और जीवंत बना हुआ है। 

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कश्मीर से कन्याकुमारी तक तथा द्वारका से डिब्रूगढ़ तक धर्म के पुनर्जागरण का एक सशक्त कालखंड चल रहा है। देश का युवा वर्ग भी अब धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक होकर तीर्थस्थलों की ओर आकर्षित हो रहा है। यह परिवर्तन भारत की आध्यात्मिक चेतना के पुनर्स्थापन का प्रतीक है।

कार्यक्रम में सीतावल्लभ कुंज अयोध्या धाम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के स्वामी ब्रम्हेश जी महाराज, विंध्याचल मंदिर के आचार्य सूर्य कुमार तिवारी, नागेश्वर मंदिर के प्रधान पुजारी, रामनारायण मिश्र, सतीश मिश्र, कृपाशंकर मिश्र, शैलेन्द्र शर्मा ‘अटल’, प्रदीप मिश्र, लवकुश त्रिवेदी, अनुज द्विवेदी, दयाशंकर पाण्डेय, कलम के पुजारी पं. नवल किशोर त्रिपाठी सहित विप्रगण, विभिन्न मंदिरों के पुजारी एवं संतजन उपस्थित रहे। संयोजन व संचालन कृपाशंकर मिश्र ने किया।