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टाटा पावर : SEUPPTCL परियोजना के तहत ट्रांसमिशन लाइनों का काम पूरा

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। टाटा पावर ने उत्तर प्रदेश में 154 सर्किट किलोमीटर (Ckm) में फैली दो ट्रांसमिशन लाइनों – 400 किलोवोल्ट (kV) टांडा-गोंडा और 400kV गोंडा-बस्ती डबल सर्किट के सफल संचालन (कमीशनिंग) की घोषणा की। इस उपलब्धि के साथ, कंपनी ने अब साउथ ईस्ट यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (SEUPPTCL) परियोजना के तहत सभी एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) ट्रांसमिशन लाइनों और सब-स्टेशनों को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। अब इस नेटवर्क में पूरे राज्य में 951 Ckm की तीन 765 kV लाइनें, 566 Ckm की चौदह 400 kV लाइनें और 3460 MVA परिवर्तन क्षमता वाले तीन 765/400 kV सब-स्टेशन शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में 765 kV मैनपुरी-बारा सिंगल सर्किट लाइन, 765 kV मैनपुरी-उन्नाव सिंगल सर्किट लाइन, 400 kV टांडा-गोंडा और 400 kV गोंडा-बस्ती डबल सर्किट लाइन जैसी चार ट्रांसमिशन लाइनों के चालू होने से राज्य के भीतर उत्पन्न 4,000 मेगावाट से अधिक थर्मल पावर की सुरक्षित और विश्वसनीय निकासी (evacuation) संभव हो सकेगी। यह परियोजना ग्रिड स्थिरता को बढ़ाते हुए और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए राज्य की बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने में सहायता करेगी।

SEUPPTCL रिजर्जेंट पावर वेंचर्स पीटीई लिमिटेड का हिस्सा है, जो टाटा पावर, आईसीआईसीआई बैंक और वैश्विक निवेशकों के नेतृत्व वाला एक संयुक्त उद्यम है। किसी समस्या की वजह से अटके हुए इस प्रोजेक्ट को टाटा पावर ने खरीदकर दोबारा चालू किया और पूरा किया।

765 kV मैनपुरी-बारा सिंगल सर्किट लाइन (380 Ckm), 765 kV मैनपुरी-उन्नाव सिंगल सर्किट लाइन (194 Ckm), और 154 Ckm लंबी 400 kV टांडा-गोंडा व गोंडा-बस्ती डबल सर्किट लाइन को चालू करने के लिए बहुत बड़े स्तर पर प्लानिंग और काम किया गया। टावरों को खड़ा करने के लिए 45,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा स्टील का इस्तेमाल किया गया। कुल मिलाकर 8,600 किलोमीटर से भी अधिक बिजली के तारों (conductors) को बिछाया गया। काम के दौरान 139 ऐसी जगहें आईं जहाँ से लाइन गुजारना मुश्किल था, जैसे कि पहले से मौजूद बिजली की लाइनें, रेलवे ट्रैक, गैस पाइपलाइन, हाईवे और नदियाँ। जंगली इलाकों में काम करते समय पर्यावरण के सभी नियमों और कानूनों का पूरी तरह पालन किया गया।

इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से उत्तर प्रदेश में बिजली सप्लाई का ढांचा बहुत मजबूत हो गया है, जिससे अब पूरे इलाके में बिना किसी रुकावट के बेहतर तरीके से बिजली मिल सकेगी।

इन 1,517 सर्किट किलोमीटर में फैली सत्रह 765 kV और 400 kV लाइनों के चालू होने के साथ, टाटा पावर का कुल चालू ट्रांसमिशन नेटवर्क अब 5,466 सर्किट किलोमीटर तक पहुंच गया है। इसके अलावा, 1,863 सर्किट किलोमीटर का काम अभी चल रहा है। बढ़ता हुआ यह पोर्टफोलियो भारत के हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन ढांचे को बनाने और आधुनिक बनाने में कंपनी की मजबूत होती भूमिका को दर्शाता है—खासकर ऐसे समय में जब देश की आर्थिक प्रगति को बनाए रखने के लिए एक मज़बूत बिजली ग्रिड का होना बहुत ज़रूरी है।