नई दिल्ली : पश्चिम एशिया संकट एवं वैश्विक आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन एलपीजी की स्थिति अभी भी चिंताजनक है।पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एलपीजी के संबंध में स्थिति अभी चिंताजनक है, लेकिन देश में किसी भी एलपीजी वितरक के पास स्टाक की कमी नहीं है। रसोई गैस सिलेंडर का वितरण सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले की तरह ही हो रही है। ऑनलाइन बुकिंग में बहुत सुधार हुआ है और लगभग 94 फीसदी बुकिंग ऑनलाइन ही हो रही है।सुजाता शर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार की कोशिश है कि वाणिज्यिक एलपीजी ग्राहक भी पीएनजी पर शिफ्ट हों जाएं, तो अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि गेल अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस संबंध में सभी सीजीडी कंपनियों के साथ बैठक की है। भारत सरकार ने कल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खत लिखा है कि जितनी भी पाइपलाइन बिछाने की अनुमति लंबित हैं, उन्हें स्वीकृति दी जाए। संयुक्त सचिव ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अब तक करीब 12 हजार छापेमारी की गई हैं, जिसमें करीब 15 हजार सिलेंडर जब्त किए गए हैं। कल दिल्ली में करीब 600 सिलेंडर जब्त किए गए। इसी तरह उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में करीब 450 निरीक्षण और छापेमारी की गई हैं। इस कार्रवाई में 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।सुजाता शर्मा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 564 छापेमारी की गई, एफआईआर भी दर्ज की गई हैं और लोग गिरफ्तार भी किए गए हैं। केरल में करीब 1000 छापेमारी और जांच की गई हैं। इस दौरान घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। मध्य प्रदेश में भी करीब 1200 छापेमारी की गई हैं और लगभग 1800 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा हमारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की जांच टीमों को सक्रिय किया गया है। इसके तहत करीब 2500 खुदरा विक्रेता और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर औचक जांच की गई हैं।
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