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वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 2026 के लिए अदाणी को बनाया ऑफिशियल पार्टनर

मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। अदाणी ग्रुप को वर्ष 2026 के वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट के आधिकारिक पार्टनर के रूप में नामित किया गया है। यह एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है, जिसे यूनेस्को द्वारा घोषित किया गया है और वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ इंजीनियरिंग ऑर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित किया जाता है।

यह सम्मान स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज़ करने में अदाणी ग्रुप की अग्रणी भूमिका को दर्शाता है। साथ ही बड़े स्तर पर स्वच्छ, भरोसेमंद और किफायती बिजली उपलब्ध कराने की इसकी क्षमता को भी मान्यता देता है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 7 में भी योगदान है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, अदाणी ग्रीन एनर्जी सागर अदाणी ने कहा, “हम यह प्रदर्शित कर रहे हैं कि स्वच्छ ऊर्जा बड़े पैमाने पर भी हो सकती है और किफायती भी, मजबूत भी और सबको साथ लेकर चलने वाली भी। यह दुनिया के लिए भारत का मॉडल है, जहाँ विकास और सस्टेनेबिलिटी साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। हमारा खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट भारत की क्लाइमेट एक्शन का प्रतीक है। यह अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज की संयुक्त ताकत को दर्शाता है, जो एकीकृत रिन्यूएबल भविष्य की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं।”

वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 2026 की थीम है “इनोवेशन और डिजिटलीकरण के माध्यम से सतत भविष्य के लिए स्मार्ट इंजीनियरिंग।” अदाणी ग्रुप का रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े स्तर के ट्रांसपोर्ट और यूटिलिटी सिस्टम में किया गया काम इसको प्रतिबिंबित करता है। यह दर्शाता है कि टेक्नोलॉजी आधारित इंजीनियरिंग वास्तविक परिस्थितियों में सतत विकास को कैसे आगे बढ़ा सकती है।

इस सहयोग के केंद्र में गुजरात का खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। वर्ष 2029 तक इसकी नियोजित क्षमता 30 गीगावॉट होगी। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ इंजीनियरिंग ऑर्गेनाइजेशंस ने इसे वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 2026 कार्यक्रम के तहत भारत के हरित परिवर्तन का एक प्रमुख उदाहरण बताया है और इस पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की है, जिसमें इसके पैमाने, महत्वाकांक्षा और प्रभाव को रेखांकित किया गया है।