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Amity University : सूफी नाइट और कवि सम्मेलन संग ‘एमिफोरिया-2026’ का समापन


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। एमिटी यूनिवर्सिटी में युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता और नवाचार का उत्सव मनाने वाला तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव एमिफोरिया-2026 का भव्य समापन हो गया। समापन के उपरांत आयोजित बहुप्रतीक्षित सूफी नाइट की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

एमिफोरिया-2026 में 7,000 से अधिक विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। इस महोत्सव में 75 से अधिक संख्या में सांस्कृतिक, साहित्यिक, तकनीकी और रचनात्मक क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन किया गया।

प्रमुख आकर्षणों में मिस्टर एंड मिस एमिटी प्रतियोगिता, एमिटी डिजाइनर अवॉर्ड-2026, एमिटी आइडल सीजन-7, कला संगम, ताल-मेल, अदायगी साज और आवाज 2.0, स्क्विड गेम, कलेक्टिका 5.0, रंगमंच 3.0, आप की अदालत, प्रतिभा संगम 3.0, वर्चुअल वॉर्टेक्स 3.0, मेहंदी फिएस्टा, कला और कलम, अमीक्वेस्ट, एनिकॉन 2.0, टेक्नोसैपियन-2026, कागजी मीनार और रिडल रश 2.0 सहित कई अन्य रोचक कार्यक्रम शामिल रहे।

महोत्सव का समापन विजेताओं और प्रतिभागियों को पुरस्कार, प्रमाणपत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर किया गया, जिससे उन्हें अविस्मरणीय यादें और उपलब्धि का अनुभव प्राप्त हुआ।

समापन समारोह में एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, डिप्टी प्रो-वाइस चांसलर विंग कमांडर (डॉ.) अनिल कुमार तिवारी, डीन एकेडमिक्स डॉ. राजेश तिवारी, एमिफोरिया-2026 के चेयरमैन डॉ. राजीव वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष और संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ ने विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और आयोजकों द्वारा प्रदर्शित उत्साह, समर्पण और टीमवर्क की सराहना करते हुए कहा कि एमिफोरिया विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और समग्र विकास को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र भी वितरित किए।

इसके पूर्व गुरूवार की शाम एमिटी डिजाइनर अवार्डस् के नाम रही जिसमें एमिटी स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी द्वारा एक भव्य फैशन शो का आयोजन किया गया, इसके लिए विशेष रूप से तैयार किए गए रैंप, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और दमदार संगीत ने पूरे परिसर को एक उच्च स्तरीय फैशन शो के माहौल में बदल दिया।

फैशन शो में डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, इंटीग्रल विश्वविद्यालय, और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से आयी प्रतिभागियों की टीमों ने भी भाग लिया। फैशन शो में 55 छात्र डिजाइनरों की डिजाइनों को 75 छात्र मॉडलों ने रैंप पर प्रस्तुत किया। द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने “फ्रीडा काउलो” थीम पर और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने “ज्वेलइश्क” थीम पर आधारित परिधानों का प्रदर्शन किया।

फैशन प्रतियोगिता के परिणामों में द्वितीय वर्ष श्रेणी में श्वेता सिंह ने प्रथम, आकृति सोनार ने द्वितीय और समीर अंसारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तृतीय वर्ष श्रेणी में शाल्वी सिंह प्रथम, सुरभि यादव द्वितीय और अनुज सिंह तृतीय स्थान पर रहे। आमंत्रित संस्थानों में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की टीम ने प्रथम, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी ने द्वितीय तथा एएसएफटी के पूर्व छात्र हिमांशु यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

एमीफोरिया-2026 का आज समापन दिवस का एक प्रमुख आकर्षण भव्य कवि सम्मेलन रहा, जिसका आयोजन अभिव्यक्ति क्लब और जनसंपर्क विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस कार्यक्रम में मेरठ के अजहर इकबाल, अलीगढ़ के चिराग शर्मा, जबलपुर की कवयित्री मणिका दुबे, लखनऊ के बलवंत सिंह, शाश्वत सिंह दर्पण और चंद्रशेखर वर्मा सहित प्रदेश के प्रसिद्ध कवियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

शाश्वत सिंह दर्पण की पंक्तियां, “वो जिसकी बाहों में कुछ पल सुकून मिला, उसी के हाथों पे मेरे जिगर का खून मिला,” को विशेष सराहना मिली। प्रो. बलवंत सिंह की गजल, “मेरे प्यार की शिद्दत से मर जाएंगे, नफरत करने वाले जिल्लत से मर जाएंगे,” को भी श्रोताओं ने खूब सराहा। चिराग शर्मा की भावपूर्ण गजल, “तुम्हें ये गम है कि अब चिट्ठियां नहीं आतीं, हमारी सोचो हमें हिचकियां नहीं आतीं,” ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।

कवि चंद्रशेखर वर्मा ने अपनी पंक्तियां, “दिल मोहब्बत में है टूटा तो मरम्मत कीजिए, और मरम्मत के लिए फिर मोहब्बत कीजिए,” प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। कवयित्री मणिका दुबे की पंक्तियां, “दुख भरे अश्क को भी पानी बता देते हैं, लोग मुश्किलों को क्यों आसानी बता देते हैं,” को भी खूब सराहा गया। अजहर इकबाल ने अपनी कविता, “जो पत्थर थी कभी अब फूल होती जा रही है, वो लड़की प्रेम के अनुकूल होती जा रही है,” प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महोत्सव की अंतिम संध्या पर आयोजित सूफी नाइट ने समारोह में आध्यात्मिक और संगीतमय वातावरण का संचार किया। लखनऊ के प्रसिद्ध ‘सादगी’ द सूफी बैंड’ ने ‘दमादम मस्त कलंदर’, ‘पिया रे पिया रे’, ‘सानू एक पल चैन न आवे’, ‘लागी तुमसे मन की लगन’ और ‘छाप तिलक सब छीनी रे’ जैसे लोकप्रिय सूफी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायक कुमार सनी और विनीत ने अपनी मधुर आवाज से श्रोताओं को सूफियाना माहौल में डुबो दिया।

अंत में एमिफोरिया-2026 के चेयरमैन डॉ. राजीव वर्मा ने विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों, छात्र आयोजकों, प्रतिभागियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस महोत्सव को सफल बनाने में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की।