Friday , February 13 2026

निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के विरोध में बिजली कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में बिजलीकर्मियों ने शक्ति भवन का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी और जूनियर इंजीनियर शामिल रहे।

‘टेंडर जारी हुआ तो जेल भरो आंदोलन’ की चेतावनी

संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने चेतावनी दी कि यदि निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई और टेंडर जारी किया गया, तो प्रदेश के सभी बिजली कर्मचारी व जूनियर इंजीनियर सामूहिक ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न हालात की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।

संसद में बिल पारित हुआ तो देशव्यापी हड़ताल

समिति ने यह भी कहा कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित करने का प्रयास किया गया, तो देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के तत्काल कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले जाएंगे। आंदोलन को लेकर कर्मचारियों में व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है।