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50 हजार पत्थरों पर राम नाम, लक्ष्मणपुरी के फन मॉल में विराजे 24 फीट ऊंचे बजरंगबली

लखनऊ (शम्भू शरण वर्मा/टेलीस्कोप टुडे)। राम नाम की महिमा और हनुमान भक्ति के अद्भुत संगम के रूप में लक्ष्मणपुरी में आस्था का एक नया केंद्र आकार ले चुका है। फन रिपब्लिक मॉल परिसर में 50 हजार से अधिक पत्थरों से निर्मित 24 फीट ऊंची और करीब 600 किलोग्राम वजनी रामभक्त श्री हनुमान जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण मंगलवार को लखनऊ उत्तर के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया। प्रतिमा पर अंकित ‘राम-राम’ नाम इसकी आध्यात्मिक आभा को और विशिष्ट बनाता है। पारंपरिक शिल्पकला, बारीक नक्काशी और रामभक्ति की भावना से सजी इस प्रतिमा को किसी भी संस्थान या परिसर में स्थापित एशिया की सबसे बड़ी हनुमान प्रतिमा होने का दावा किया गया है। 

हनुमान जी की भव्य प्रतिमा बनेगी लक्ष्मणपुरी की नई पहचान : डॉ. नीरज बोरा

इस मौके पर विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि लक्ष्मण नगरी में बजरंगबली का विराजमान होना बेहद सौभाग्य की बात है। यह क्षेत्र अयोध्या साम्राज्य का हिस्सा और भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मण के नाम पर बसी नगरी है। मान्यता है कि लक्ष्मणपुरी के नगर देवता हनुमान जी हैं और यहां जगह-जगह उनकी पूजा-अर्चना होती है। 

उन्होंने कहा कि दीपावली के अवसर पर फन रिपब्लिक मॉल प्रबंधन के मन में परिसर में हनुमान जी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने का विचार आया, जिसे अब साकार किया गया है। प्रतिमा की आकृति बेहद आकर्षक है। इसके निर्माण में जुटे कारीगरों की मेहनत और कला सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रतिमा लक्ष्मणपुरी के लोगों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी।

उन्होंने शहरवासियों से यहां आकर हनुमान जी के दर्शन करने की अपील करते हुए कहा कि बजरंगबली की कृपा सभी पर बनी रहे और प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद सबको मिलता रहे। डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि जहां राम नाम की धुन गूंजती है, वहां हनुमान जी की उपस्थिति मानी जाती है। प्रतिमा पर अंकित ‘राम-राम’ और परिसर में गूंजती रामधुन श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराएगी।

विधायक डा. नीरज बोरा की उपस्थिति में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अधिकृत प्रतिनिधि एवं निर्णायक प्रमिल द्विवेदी ने मॉल के जीएम विकल्प सक्सेना और मार्केटिंग मैनेजर ईशान श्रीवास्तव को प्रमाणपत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि फन रिपब्लिक मॉल प्रबंधन ने भगवान हनुमान जी की इस भव्य प्रतिमा के निर्माण के साथ दो महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रतिमा को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने की प्रक्रिया के तहत आवश्यक माप और मानकों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद मॉल प्रबंधन को दोनों रिकॉर्ड के प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने इस अनूठी पहल के लिए मॉल प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इतनी भव्य प्रतिमा का निर्माण आध्यात्मिक आस्था और शिल्पकला का विशिष्ट उदाहरण है।

फन रिपब्लिक मॉल के जीएम विकल्प सक्सेना ने कहा कि मॉल प्रबंधन हर साल लोगों के लिए कुछ नया और विशेष करने का प्रयास करता है। इस बार दीपावली के अवसर पर भगवान हनुमान जी को विशेष स्थान देने के उद्देश्य से 24 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया। 50 हजार से अधिक पत्थरों से तैयार इस प्रतिमा को बनाने में करीब 30 से 35 दिन का समय लगा। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा अपने आकार और भव्यता के लिहाज से विशिष्ट है। इसे लक्ष्मणपुरी के लोगों, मॉल में आने वाले ग्राहकों और दूसरे प्रदेशों से आने वाले आगंतुकों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। विकल्प सक्सेना ने शहरवासियों से अपील की कि वे फन रिपब्लिक मॉल आकर भगवान हनुमान जी के दर्शन करें और खरीदारी के साथ इस आध्यात्मिक अनुभव का भी आनंद लें। उन्होंने कहा कि मॉल परिसर में पहले भगवान श्रीराम की भव्यता से जुड़े आयोजन और सजावट लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं। भविष्य में भी श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए कुछ नया और विशेष प्रस्तुत करने का प्रयास जारी रहेगा।

50 हजार से अधिक पत्थरों में समाई रामभक्ति

इस भव्य प्रतिमा की सबसे बड़ी विशेषता इसका निर्माण और आध्यात्मिक स्वरूप है। प्रतिमा में इस्तेमाल किए गए 50 हजार से अधिक पत्थरों पर ‘राम-राम’ नाम अंकित है। प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान जी को समर्पित यह कलाकृति राम नाम की महिमा, अटूट भक्ति और समर्पण का संदेश देती है। विशाल आकार और पत्थरों पर की गई बारीक कारीगरी इसे सामान्य प्रतिमाओं से अलग पहचान प्रदान करती है।

30 दिनों में तैयार हुई प्रतिमा

प्रतिमा को तैयार करने में लगभग 30 दिन लगे। इसके निर्माण के लिए देश के विभिन्न राज्यों से विशेष पत्थर मंगाए गए। पत्थरों को काटने, आकार देने और उन पर बारीक नक्काशी करने में करीब 10 दिन का समय लगा। प्रतिमा को अंतिम स्वरूप देने के लिए अलग-अलग राज्यों से आए 20 से 25 कुशल कारीगरों ने मिलकर काम किया। पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक तकनीकी सहयोग के समन्वय से इस विशाल प्रतिमा को साकार किया गया।

एशिया की सबसे बड़ी प्रतिमा होने का दावा

फन रिपब्लिक मॉल प्रबंधन के अनुसार, 24 फीट ऊंची यह प्रतिमा किसी संस्थान या परिसर में स्थापित एशिया की सबसे बड़ी हनुमान प्रतिमा है। प्रबंधन ने इसे एशिया के किसी मॉल परिसर में स्थापित अपनी तरह की विशिष्ट प्रतिमा बताते हुए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने की जानकारी दी। हालांकि, एशिया में सबसे बड़ी प्रतिमा होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि अलग से उपलब्ध नहीं है।

भारतीय संस्कृति और सनातन आस्था को समर्पित पहल

मॉल प्रबंधन ने कहा कि परिसर में भगवान श्री हनुमान जी की भव्य प्रतिमा स्थापित करना उनके लिए सौभाग्य और गर्व का विषय है। इस पहल का उद्देश्य केवल परिसर को आकर्षक बनाना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को भी लोगों के सामने प्रस्तुत करना है। प्रबंधन के मुताबिक, यहां आने वाले लोगों को मनोरंजन और खरीदारी के साथ भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।

श्रद्धालुओं के लिए बनेगी नया आकर्षण

शहर के आधुनिक शहरी परिवेश के बीच स्थापित यह प्रतिमा श्रद्धालुओं और शहरवासियों के लिए एक नए धार्मिक-सांस्कृतिक आकर्षण के रूप में उभरने की उम्मीद है। विशाल स्वरूप, हजारों पत्थरों पर अंकित राम नाम और शिल्पकला की विशिष्टता इसे खास बनाती है। भगवान हनुमान की शक्ति, साहस, सेवा और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट निष्ठा को समर्पित यह प्रतिमा लक्ष्मणपुरी की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।